आईआईटी मंडी और जेके डेलॉप्ट के बीच एमओयू, एम्बेडेड सिस्टम व इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स अनुसंधान को मिलेगी नई गति
आईआईटी मंडी और जेके डेलॉप्ट के बीच एमओयू, एम्बेडेड सिस्टम व इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स अनुसंधान को मिलेगी नई गति
मंडी : अजय सूर्या /
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (आईआईटी मंडी) ने एम्बेडेड सिस्टम और इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को सशक्त बनाने के लिए जेके समूह की आईएसओ 9001 प्रमाणित कंपनी जेके डेलॉप्ट के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थान उन्नत प्रौद्योगिकियों को व्यावहारिक और स्वदेशी समाधानों में रूपांतरित करने की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।
यह सहयोग आईआईटी मंडी की अनुसंधान उत्कृष्टता और जेके डेलॉप्ट की औद्योगिक व विनिर्माण क्षमताओं को एकीकृत करते हुए अगली पीढ़ी की स्वदेशी तकनीकों के विकास को गति देगा। साझेदारी का उद्देश्य राष्ट्रीय रक्षा तैयारियों को मजबूत करना, रणनीतिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना तथा नागरिक क्षेत्रों में अत्याधुनिक तकनीकी नवाचारों का विस्तार करना है। यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप दीर्घकालिक उद्योग–शिक्षा सहयोग को भी प्रोत्साहित करेगी।
इस अवसर पर आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि आईआईटी मंडी स्वदेशीकरण और राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जेके डेलॉप्ट के साथ यह साझेदारी रक्षा और नागरिक अनुप्रयोगों के लिए एम्बेडेड सिस्टम और इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को सशक्त बनाएगी।
समझौता ज्ञापन पर आईआईटी मंडी के प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श के अधिष्ठाता और जेके डेलॉप्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इस कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक, कुलसचिव, वरिष्ठ संकाय सदस्य और दोनों संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जेके डेलॉप्ट के सीईओ को स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास में योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।
एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थान इलेक्ट्रो-ऑप्टिक प्रणालियों, एम्बेडेड प्लेटफॉर्म, एआई-आधारित विज़न सिस्टम, बुद्धिमान निगरानी समाधान, प्रोटोटाइप विकास और प्रौद्योगिकी प्रदर्शन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान करेंगे। साथ ही, यह साझेदारी छात्र इंटर्नशिप, उद्योग अनुभव, विशेषज्ञ व्याख्यान और शोधार्थियों के संयुक्त मार्गदर्शन को भी बढ़ावा देगी, जिससे कौशल विकास और उद्योग-तैयार मानव संसाधन का निर्माण होगा।
इस सहयोग को आईआईटी मंडी के विज़ुअल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग समूह का विशेष समर्थन प्राप्त है, जिसका नेतृत्व डॉ. दिनेश सिंह कर रहे हैं। यह समूह कंप्यूटर विज़न, मल्टीमॉडल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और दृष्टि-आधारित परसेप्शन प्रणालियों पर अनुसंधान कर रहा है। इसके अंतर्गत ड्रोन आधारित रक्षा अनुप्रयोग, निगरानी एवं टोही प्रणालियाँ, दुर्घटना पूर्वानुमान मॉडल, फॉरेंसिक विज़न और वास्तविक-समय निगरानी समाधान जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह साझेदारी भारत को एआई-आधारित इलेक्ट्रो-ऑप्टिक और एम्बेडेड समाधानों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और स्वदेशी तकनीकी विकास को नई दिशा देगी।
यदि आप चाहें, मैं इस खबर को और अधिक संक्षिप्त, हेडलाइन-फ्रेंडली, या अख़बार प्रकाशन के लिए प्रोफेशनल फॉर्मेट में भी तैयार कर सकता हूँ।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें