पुराने बिजली मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलना अनिवार्य, अफवाहों पर न दें ध्यान: विद्युत बोर्ड
पुराने बिजली मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलना अनिवार्य, अफवाहों पर न दें ध्यान: विद्युत बोर्ड
ज्वाली
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड ने प्रदेश भर में पुराने बिजली मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य राज्य सरकार के निर्देशों के तहत चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
भ्रांतियों का खंडन और मुख्य बिंदु:
विद्युत बोर्ड के संज्ञान में आया है कि कुछ घरेलू उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध कर रहे हैं, जिसका मुख्य कारण बिल अधिक आने का डर है। इस पर बोर्ड ने निम्नलिखित स्पष्टीकरण जारी किए हैं:
सटीक बिलिंग: बोर्ड ने साफ किया है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी बिल वास्तविक बिजली खपत के आधार पर ही आएगा। बिल बढ़ने की धारणा पूरी तरह से निराधार और असत्य है।
समस्याओं का समाधान: स्मार्ट मीटर लगने से मीटर जंप होने और गलत रीडिंग जैसी तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान होगा।
बिजली चोरी पर लगाम: इन मीटरों के माध्यम से बिजली चोरी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा, जिसका सीधा लाभ ईमानदार उपभोक्ताओं को मिलेगा।
शिकायत निवारण: यदि किसी उपभोक्ता को अपने बिल में कोई त्रुटि महसूस होती है, तो वे तुरंत संबंधित विद्युत कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं, जहाँ समयबद्ध तरीके से शिकायत का निपटारा किया जाएगा।
बोर्ड की अपील
विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता (विद्युत मंडल, ज्वाली) द्वारा जारी इस प्रेस नोट में सभी उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की गई है। बोर्ड ने कहा है कि ट्रांसफार्मरों, सरकारी कार्यालयों और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के मीटर सफलतापूर्वक बदले जा चुके हैं और अब घरेलू स्तर पर इस योजना को पूरा करने में जनता का सहयोग अनिवार्य है।


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