नाम बदले जाने से कांग्रेस को तकलीफ, लेकिन मजदूरों की पीड़ा पर चुप्पी : सुधीर शर्मा

 नाम बदले जाने से कांग्रेस को तकलीफ, लेकिन मजदूरों की पीड़ा पर चुप्पी : सुधीर शर्मा

कहा— ‘वीबीजी राम योजना’ का विरोध दरअसल गरीब विरोधी मानसिकता का प्रमाण


 धर्मशाला

 भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने शिमला के मॉल रोड पर कांग्रेस सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर “वीबीजी राम योजना (VBGRY)” किए जाने के विरोध में किए गए धरने को लेकर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को यदि किसी बात से सबसे अधिक परेशानी है तो वह है गरीबों के हित में लिए गए भाजपा के फैसले और योजनाओं को नया दृष्टिकोण देना।

सुधीर शर्मा ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर ‘वीबीजी राम योजना’ रखना कोई अपराध नहीं, बल्कि योजना की भावना और उद्देश्य को और मजबूत करने का प्रयास है। भाजपा ने कभी भी गरीबों के रोजगार से समझौता नहीं किया, बल्कि काम के अवसर बढ़ाने, पारदर्शिता लाने और मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह स्पष्ट करे कि उसे योजना के नाम से आपत्ति है या मजदूरों के रोजगार से? अगर कांग्रेस वास्तव में गरीबों की हितैषी है तो वह बताए कि प्रदेश में हजारों मनरेगा मजदूरों की लंबित मजदूरी पर उसने आज तक क्या किया। धरना नाम बदलने पर नहीं, मजदूरों का पैसा रोकने पर दिया जाना चाहिए था।

भाजपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास केवल नामों से राजनीति करने का रहा है। आज वही कांग्रेस भाजपा द्वारा किए गए नाम परिवर्तन पर राजनीति कर रही है, जबकि उसे इस बात का जवाब देना चाहिए कि उसकी सरकार में मनरेगा का काम क्यों ठप पड़ा है, क्यों मजदूरों को समय पर रोजगार नहीं मिल रहा और क्यों भुगतान में महीनों की देरी हो रही है।

सुधीर शर्मा ने कहा कि ‘वीबीजी राम योजना’ का उद्देश्य स्पष्ट है— ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, पलायन पर रोक और मजदूरों की आय में वृद्धि। भाजपा सरकार ने हमेशा योजनाओं को ज़मीन से जोड़कर देखा है, जबकि कांग्रेस केवल पोस्टर, धरने और बयानबाजी तक सीमित रही है।

उन्होंने कहा कि शिमला के मॉल रोड पर धरना देना कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है। जब सरकार चलाने का सामर्थ्य नहीं बचता, तब ऐसे प्रतीकात्मक धरनों के जरिए जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जाती है। प्रदेश आर्थिक संकट से जूझ रहा है, कर्मचारियों और पेंशनरों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा, लेकिन कांग्रेस सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देने की बजाय नाम बदलने की राजनीति सूझ रही है।

सुधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी यह भी स्पष्ट करे कि आखिर उसे ‘राम’ नाम से इतनी आपत्ति क्यों है। भारत की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक चेतना में राम कोई राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि आस्था और मूल्यों का प्रतीक हैं। योजनाओं को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना भाजपा की सकारात्मक सोच को दर्शाता है, न कि कोई अपराध।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र के साथ काम किया है। ‘वीबीजी राम योजना’ उसी सोच का विस्तार है, जिसमें गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प निहित है।

अंत में सुधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को यह समझ लेना चाहिए कि जनता अब नाम बदलने के विरोध और खोखली राजनीति से आगे बढ़ चुकी है। प्रदेश की जनता रोजगार चाहती है, विकास चाहती है और स्थिर शासन चाहती है— न कि मॉल रोड पर होने वाला राजनीतिक ड्रामा। समय आने पर जनता कांग्रेस की इस नकारात्मक राजनीति को पूरी तरह नकार देगी।

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