खंड विकास कार्यालय नूरपुर में सरकारी काम का काज का भार अधिकांश लगभग कार्यलय के दो मुलाजिमो के ऊपर निर्भर
खंड विकास कार्यालय नूरपुर में सरकारी काम का काज का भार अधिकांश लगभग कार्यलय के दो मुलाजिमो के ऊपर निर्भर
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में व्यवस्था परिवर्तन सरकार के खंड विकास अधिकारी नूरपुर के कार्यालय में भारत सरकार की स्वच्छता अभियान व प्रदेश सरकार के स्वच्छता अभियान पर अनेकों प्रश्न जनता की जुबान पर चर्चित है l क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब व्यवस्था परिवर्तन की सरकार खंड विकास अधिकारी नूरपुर के कार्यालय में जनहित में विधिवत रूप से स्थाई स्टाफ नहीं देगी तब भारत सरकार और राज्य सरकार के ग्रामीण विकास कार्य व स्वच्छता अभियान पंचायतो में कैसे धरातल पर जनहित मे साकार होंगे l यह आम प्रश्न जनता की जुबान पर चर्चित है lइस कार्यलय मे यह भी देखने को आया है कि ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली जनता जो अपने निजी कामों को लेकर इस कार्यालय में आते हैं उनको यह कहकर आश्वासन दिया जाता है कि साहिब अभी नही आये है l इस कार्यलय में कुछ कर्मचारी ऐसे भी दिखाई दिए जो सदाबाहरी है l हिमाचल प्रदेश में किसी भी पार्टी की सरकार हो उनकी स्थानांतरण असंभव हैl फील्ड में रहने वाले टेक्निकल स्टाफ के बारे में ऐसे लोगों का कहना है कुछ ही और है l महंगाई के दौर में जो भी व्यक्ति अपना काम करवाने के लिए इस कार्यालय में आता है उसको सिर्फ आश्वासन देकर भेज दिया जाता है l व्यवस्था परिवर्तन की सरकार में नूरपुर खंड विकास कार्यालय की हालत इतनी दयनीय है कि केवल कुछ कर्मचारियों के सिर के ऊपर इतना कार्यभार एडिशनल चार्ज का डाल दिया गया है कि सारा कार्यालय उनके ऊपर डिपेंड रहता है l हिमाचल प्रदेश में किसी समय नूरपुर का यह विकास कार्यालय एक अपनी विशेष भूमिका ग्रामीण क्षेत्रों में रखता था लेकिन आज इस कार्यालय की हालत यह है की खंड विकास कार्यालयमे 1 महीने से खंड विकास अधिकारी की पोस्ट खाली पड़ी है जिसका एडिशनल चार्ज फतेहपुर खंड विकास अधिकारी को दिया गया है lयह पोस्ट 31 दिसंबर 2025 को नूरपुर खंड विकास कार्यालय में खंड विकास अधिकारी की रिटायरमेंट हुई थी लेकिन आज तक हिमाचल प्रदेश की सरकार नूरपुर विधानसभा क्षेत्र मे स्थाई खंड विकास अधिकारी नहीं दे सकीl उधर गोपनीय सूत्रों से पता चला है की खंड विकास कार्यालय नूरपुर जनहित में काम करने के लिए प्रमुख तौर पर सुपरिटेंडेंट की पोस्ट व वरिष्ठ सहायक लिपिक की पोस्ट लेखाकार की पोस्ट व एस इ बी पी ओ व एल एस इ ओ की पोस्ट काफ़ी समय से खाली पड़ी हैl गौरतलव है कि नूरपुर खंड विकास कार्यालय के तहत लगभग 51 पंचायते आती है जिनमे 6 पंचायतो में पंचायत सचिव नहीं है जो एडिशनल पंचायत सचिव के ऊपर काम कर रही हैl इसके अतिरिक्त लगभग एक पंचायत सचिव इस समय कार्यलय मे एस इ बी पी ओ की पोस्ट पर अतिरिक्त पद संभाले हुए हैं औऱ खुद अपनी पंचायत मे सचिव के पद को भी देख रहा हैं जबकि दूसरा पंचायत सचिव कार्यालय में अतिरिक्त लेखाकार के पद पर लेखाकार का काम कर रहा है और साथ में अपनी पंचायत मे सचिव का काम भी कर रहा हैl खंड विकास नूरपुर के अधिकांश पंचायतो मे कूड़े के ढेर पंचायतो मे देखने को मिल जाते हैं l इस मामले में कुछ सामाजिक संस्थाओं व क्षेत्र वासियों का कहना है कि जब तक सरकार खंड विकास कार्यालय में पूरा स्टाफ नहीं देती तब तक भारत सरकार और राज्य सरकार की कोई भी योजना धरातल पर जनित में लागू नहीं हो सकती l प्रदेश में पंचायती राज संस्थान चुनाव का विगुल बजने वाला है और दफ्तरों की रोंनके गायब है इसलिए अधिकांश मुलाजिम बाहर बैठकर अपनी ड्यूटी देते हुए देखे गए l इस मामले में भाजपा विधायक रणवीर सिंह निक्का का कहना है कि व्यवस्था परिवर्तन सरकार के 3 साल में सरकारी दफ्तरों की हालत ऐसे हैं जिसमें एडिशनल चार्ज लिए अधिकारी हैं l विकास कार्यालय पर उन्होंने कहा कि जब धरातल पर मास्टर प्लान नहीं बनेगा अधिकारी उसकी मंजूरी कैसे देंगे?कैसे विकास कार्य पंचायतो मे होंगे 15 में वित्त आयोग की पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट हो जाता है कि खंड विकास कार्यालय नूरपुर मे शायद सरकारी विधायक निधि फंड को खर्चने में विभाग पूरी तरह असफल रहा l उधर कांग्रेस नेता अजय महाजन के बारे में क्षेत्र वासियों का कहना है कि वह नूरपुर के विधायक नहीं है लेकिन प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आवश्यक है लेकिन इस मामले में उनकी चुप्पी विकास कार्यों को लेकर धारण करना पंचायती राज संस्था प्रणाली के चुनावों मे एक प्रश्न चिन्ह होगा जो उनका राजनीतिक भविष्य तय करेगाl


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