स्मार्ट मीटर के खिलाफ मच्छयाल में विशाल किसान अधिवेशन व प्रदर्शन, नहीं लगने देंगे स्मार्ट मीटर—शपथ - Smachar

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स्मार्ट मीटर के खिलाफ मच्छयाल में विशाल किसान अधिवेशन व प्रदर्शन, नहीं लगने देंगे स्मार्ट मीटर—शपथ

स्मार्ट मीटर के खिलाफ मच्छयाल में विशाल किसान अधिवेशन व प्रदर्शन, नहीं लगने देंगे स्मार्ट मीटर—शपथ


जोगिंदर नगर : अजय सूर्या /

बिजली के स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में जोगिंदर नगर उपमंडल के मच्छयाल में आज हिमाचल किसान सभा के बैनर तले एक बड़ा अधिवेशन आयोजित किया गया। अधिवेशन के बाद गगनभेदी नारों के साथ मच्छयाल बाजार में विशाल जुलूस निकाला गया। कार्यक्रम का नेतृत्व स्थानीय जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने किया।

इस अधिवेशन में भराड़ू जिला परिषद वार्ड की बल्ह, चल्हारग, कस, भराडू, नौहली , बिहूँ पंचायतों सहित नेरघरवासड़ा, मसोली, द्राहल, बुहला भडयाड़ा, पिपली, कुठेहड़ा, द्रुब्बल धार आदि पंचायतों से सैकड़ों किसान, महिलाएं, दुकानदार, सेवानिवृत्त सैनिक व कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में किसी भी सूरत में स्मार्ट मीटर न लगने देने की शपथ ली।

अधिवेशन को संबोधित करते हुए कुशाल भारद्वाज ने कहा कि स्मार्ट मीटर योजना के माध्यम से बिजली वितरण के निजीकरण, उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी समाप्त करने, कर्मचारियों की छंटनी और पेंशन बंद करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति अधिनियम-1948 की मूल भावना सामाजिक-आर्थिक विकास और सामाजिक टैरिफ पर आधारित थी, लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार बिजली वितरण को निजी कंपनियों के हवाले करने पर तुली है। इससे बिजली बोर्ड के कर्मचारियों की नौकरियां और पेंशन खतरे में पड़ेंगी तथा उपभोक्ताओं को महंगी बिजली मिलेगी।

कुशाल भारद्वाज ने आरोप लगाया कि देशभर में 22 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर लगाने की मंजूरी दी गई है, जिनमें से लगभग 10 करोड़ मीटर बड़े कॉर्पोरेट घरानों को सौंपे गए हैं। उन्होंने कहा कि एक स्मार्ट मीटर की लागत करीब 10 हजार रुपये है, जिसे 7–8 वर्षों में मासिक बिलों के जरिए उपभोक्ताओं से वसूला जाएगा, जबकि इन मीटरों की आयु भी लगभग इतनी ही होती है। इसके विपरीत साधारण इलेक्ट्रॉनिक मीटर की कीमत 400–600 रुपये है, जो प्रदेश में पहले से लगाए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर प्री-पेड/पोस्ट-पेड होंगे और रिचार्ज खत्म होते ही बिजली कट जाएगी।

उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी केंद्र की “पूंजीपति-परस्त और उपभोक्ता विरोधी” नीति को तेजी से लागू करने का आरोप लगाया। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आज इसका विरोध नहीं हुआ तो गरीब और मध्यम वर्ग को फिर से लालटेन जलाने की नौबत आ जाएगी।

कुशाल भारद्वाज ने राज्य सरकार से स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तुरंत रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुराने मीटर उखाड़ने और स्मार्ट मीटर लगाने का प्रयास करने वालों का विरोध किया जाएगा। बिना सहमति बदले गए मीटरों के स्थान पर पुराने मीटर बहाल किए जाएं। साथ ही चेतावनी दी कि यदि योजना पर रोक नहीं लगी तो 5 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को लामबंद कर जोगिंदर नगर में अब तक का सबसे बड़ा जनप्रदर्शन किया जाएगा।

अधिवेशन में रवि राणा, श्याम सिंह ठाकुर, मोहन सरवाल, कैप्टन देवेंद्र भारद्वाज, राजेंद्र बिष्ट, देवी सिंह ठाकुर, भादर सिंह ठाकुर, रूप सिंह, ओमप्रकाश ठाकुर, चौधरी श्याम सिंह, प्रदीप चौधरी, लाकेश कटोच, मेघ सिंह ठाकुर, कृष्ण ठाकुर, दलीप ठाकुर, चौधरी कर्म सिंह, दीनानाथ धारणी, प्रेम सिंह ठाकुर, इंदिरा चौहान, मीनाक्षी चौहान, सरला ठाकुर, आशा राठौर, सीमा देवी, शांता देवी, लता ठाकुर सहित सैकड़ों लोगों ने भाग

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