पश्चिम बंगाल को तुष्टीकरण की राजनीति के जरिए अलग-थलग किया जा रहा: संजय शर्मा
पश्चिम बंगाल को तुष्टीकरण की राजनीति के जरिए अलग-थलग किया जा रहा: संजय शर्मा
कहा चुनाव अधिकारियों को आत्मदाह करने जैसे कदम उठाने पर रहे
कहा बंगाल भारत का हिस्सा नहीं? यह सवाल हर देशवासी के मन में उठ रहा
धर्मशाला,
हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता संजय शर्मा ने शनिवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आध्यात्म, तपस्या और बलिदान की धरती बंगाल आज ऐसे शासन के दौर से गुजर रहा है, जो उसे ‘बंग-भंग’ यानी बंगाल को तोड़ने की दिशा में ले जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया क्या बंगाल भारत का हिस्सा है या नहीं? यह सवाल आज हर देशवासी के मन में उठ रहा है। संजय शर्मा ने कहा कि देश के कई राज्यों में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से चल रही है। यह प्रक्रिया पहले भी 2003 में हुई थी और संसद में इस पर चर्चा हो चुकी है। लेकिन पश्चिम बंगाल में इस संवैधानिक प्रक्रिया को रोकने के लिए न सिर्फ असंवैधानिक तरीके अपनाए जा रहे हैं, बल्कि हिंसा का भी सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से जुड़े अधिकारी तक सुरक्षित नहीं हैं। उन पर इतना दबाव डाला जा रहा है कि वे आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को तुष्टीकरण की राजनीति के जरिए अलग-थलग किया जा रहा है। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान हिंसा, चुनाव अधिकारियों पर दबाव और एक बीएलओ की आत्महत्या को लेकर उन्होंने तीखा हमला बोला।
भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा ने कहा कि जादवपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 110 के बीएलओ अशोक दास का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि अशोक दास एक ईमानदार अधिकारी थे, जो संविधान के अनुसार अपना काम कर रहे थे। इसी वजह से उन्हें टीएमसी कार्यकर्ताओं से धमकियां मिलीं। आरोप है कि उनसे कहा गया कि अगर किसी भी घुसपैठिए का नाम सूची से हटाया गया तो उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर अशोक दास ने आत्महत्या कर ली। उनकी पत्नी ने इस मामले में टीएमसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। शर्मा ने कहा कि बीडीओ कार्यालय पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमला टीएमसी विधायक मनीरुल इस्लाम की मौजूदगी में हुआ। यह राम और रहीम की कहानी नहीं है, बल्कि रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की कहानी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार अवैध घुसपैठियों को बचाना चाहती हैं और इसी कारण सर जैसी प्रक्रियाओं का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल में खून बह रहा है, लोकतंत्र को कुचला जा रहा है और यह सब सत्ता के संरक्षण में हो रहा है।
इस मौके पर जिला कांगड़ा भाजपा अध्यक्ष सचिन शर्मा व हिमाचल भाजपा मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु को भी उपस्थित रहे।


कोई टिप्पणी नहीं