राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित मूर्तिकार प्रकाश आनंद का निधन, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित मूर्तिकार प्रकाश आनंद का निधन, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
चंबा : जितेन्द्र खन्ना /
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात पारंपरिक मूर्तिकार प्रकाश आनंद का शुक्रवार देर शाम लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन से कला, संस्कृति और शिल्प जगत में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी तुकेश कुमार तथा तहसीलदार चंबा राहुल धीमान विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रकाश आनंद का जन्म 25 दिसंबर 1937 को नानक चंद आनंद के घर हुआ था। उन्होंने अपने पिता नानक चंद से पारंपरिक अष्टधातु मूर्ति शिल्प की विधा सीखी और इसी क्षेत्र में आजीवन योगदान दिया। उनकी उत्कृष्ट कला साधना के लिए उन्हें 25 जनवरी 1974 को तत्कालीन राष्ट्रपति वी.वी. गिरी द्वारा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके तुरंत बाद वर्ष 1974 में ही तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इसके उपरांत 12 फरवरी 2005 को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें पारंपरिक मूर्ति शिल्प के क्षेत्र में दीर्घ साधना एवं कल्याणशील सृजन के माध्यम से अष्टधातु मूर्ति शिल्प परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने हेतु राष्ट्रीय तुलसी सम्मान से सम्मानित किया गया। उसी वर्ष हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शिमला में उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।
प्रकाश आनंद का जीवन पारंपरिक कला के संरक्षण और संवर्धन को समर्पित रहा। उनके निधन को शिल्प परंपरा के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।


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