हिंदू वह है जो सबको साथ लेकर चलने वाला हो : प्रेम कुमार
हिंदू वह है जो सबको साथ लेकर चलने वाला हो : प्रेम कुमार
मंडी में हिंदू सम्मेलन का आयोजन, संत-महापुरुषों का हुआ सम्मान
मंडी शहर के सेरी मंच में हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसके बाद मंचासीन अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे स्वामी विष्णु मोहन दास, सम्मेलन के मुख्य वक्ता प्रेम कुमार, ब्रह्मकुमारी दीदी एवं साध्वी निर्मला नंद गिरी को भी उनके सामाजिक और आध्यात्मिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। विशाल हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रेमकुमार ने हिंदू समाज की एकता, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक समरसता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि धर्म, सेवा और संस्कार ही समाज को मजबूत बनाते हैं और युवाओं को इन मूल्यों के साथ आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरएसएस के सौ साल पूर्ण होने पर किए जा रहे हैं। मंडी नगर में इस प्रकार के करीब 9 आयोजन हो चुके है। भारत हमारी माता है तथा इसकी रक्षा करने का दायित्व है। जब भी जनगणना होती है तो उसमें धर्म अंकित होता है चाहे वो किसी भी जाति का क्यों न हो। उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति, समानता और सेवा भाव समाज की आधारशिला है। एक हजार साल तक हमारा देश अनेक आक्रांताओं ने लुटा, हिन्दुओं का कत्लेआम किया, मंदिर लूटे गए, तोड़े गए मगर सनातन का ध्वज कभी झुका नहीं। इस देश में हिंदुओं में जागृति लाने के लिए वीर पुरुषों, महात्माओं ने अपना जीवन लगा दिया। हिंदू जीने की एक ऐसी पद्धति है जो जीना सीखती है। यह वो धरती जिसे माता का दर्जा दिया गया है। यह वो भारत है जहां नदी को माता माना गया है। यह गौ, गरीब, गंगा माता, गीता, गुरुजी के साथ माता पिता, संत समाज, नारी समाज का सम्मान करता है। महाकुंभ में 65 करोड़ हिंदुओं ने त्रिवेणी संगम से पवित्र कुंड में पवित्र स्नान किया। उसमें बड़ी तादात में युवा था। बिना की जाति पाती के सब पूरा हुआ। यह हमारी हिंदुओं की ताकत है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं का धर्मांतरण करने के बड़े पैमाने पर विश्व की ताकतें काम कर रही है मगर उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। हिंदुओं में सनातन संस्कृति के सेवा भाव है तथा केवल इस समाज में ही हर गरीब को अन्नदान दिया जाता है तथा उसमें किसी का धर्म नहीं पूछा जाता। हिंदू सम्मेलन के अध्यक्ष महंत विष्णु मोहन दास ने कहा कि क्या समय आ गया कि हिंदुओं को जगाने के लिए सम्मेलन करने पड़ रहे है। हिंदुओं में सनातन संस्कृति को सहेजने के लिए प्रेरित करना पड़ रहा है। इस हिंदू सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया गया।


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