रिवालसर में श्रद्धा व साधना के साथ मनाया गया ब्रह्मा बाबा का 57वाँ स्मृति दिवस
रिवालसर में श्रद्धा व साधना के साथ मनाया गया ब्रह्मा बाबा का 57वाँ स्मृति दिवस
रिवालसर : अजय सूर्या /
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के संस्थापक ब्रह्मा बाबा का 57वाँ स्मृति दिवस (अव्यक्त दिवस/पुण्य स्मृति दिवस) आज 18 जनवरी 2026 को रिवालसर में श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक भावनाओं के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान, रिवालसर द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंतर्गत इक्कीस दिवसीय योगत्वशा भट्टी का विधिवत समापन किया गया। उपस्थित सभी साधकों ने ब्रह्मा बाबा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सामूहिक योग-ध्यान के माध्यम से अव्यक्त स्थिति का गहन अनुभव किया।
इस अवसर पर बीके सुनीता दीदी एवं बीके सोमा बहन ने ब्रह्मा बाबा के जीवन, उनके दिव्य संस्कारों और आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ब्रह्मा बाबा के 18 कदमों के महत्व को समझाते हुए बताया कि ये कदम त्याग, तपस्या, पवित्रता, निश्चय, निष्ठा, सेवा, सादगी एवं सम्पूर्ण समर्पण के प्रतीक हैं। इन मूल्यों को जीवन में धारण कर प्रत्येक आत्मा अपने जीवन को श्रेष्ठ, सुखी और सफल बना सकती है।
वक्ताओं ने कहा कि ब्रह्मा बाबा का जीवन स्वयं इस बात का जीवंत उदाहरण है कि ईश्वरीय आज्ञा को जीवन में अपनाकर एक साधारण मानव भी महान आत्मा बन सकता है। उनके पदचिह्न आज भी ब्राह्मण परिवार के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का दीप स्तंभ बने हुए हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी भाई-बहनों ने ब्रह्म भोजन ग्रहण किया तथा प्रेम, शांति और शुभभावनाओं के साथ एक-दूसरे को विदाई दी। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण शांति, पवित्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।


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