गुरु पर विश्वास साधक को जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और दिशा प्रदान करता है :- गिरिधरानंद - Smachar

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गुरु पर विश्वास साधक को जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और दिशा प्रदान करता है :- गिरिधरानंद

 गुरु पर विश्वास साधक को जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और दिशा प्रदान करता है :- गिरिधरानंद 


नूरपुर : विनय महाजन /

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से नूरपुर, बौड़ स्थित आश्रम में आध्यात्मिक सत्संग कार्यक्रम एवं भंडारे का आयोजन श्रद्धा भाव के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्थानीय श्रद्धालुओं, साधकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य मानव जीवन में गुरु की महत्ता को समझाना तथा गुरु सेवा, गुरु पर विश्वास और गुरु आज्ञा के महत्व को उजागर करना रहा।सत्संग के दौरान  आशुतोष महाराज जी के शिष्य स्वामी गिरिधरानंद  ने अपने विचार रखते हुए कहा कि गुरु सेवा केवल बाहरी सेवा तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह मन, वचन और कर्म से किया गया समर्पण है। जब शिष्य अपने गुरु पर पूर्ण विश्वास करता है, तभी उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आरंभ होता है। गुरु पर विश्वास साधक को जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और दिशा प्रदान करता है।उन्होंने कहा कि गुरु आज्ञा साधक के लिए मार्गदर्शक दीपक के समान है। गुरु की आज्ञा में चलने से साधक अपने जीवन के लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहता है। आज के समय में मानव अनेक प्रकार के तनाव, भ्रम और असंतोष से घिरा हुआ है। ऐसे में गुरु का मार्गदर्शन ही जीवन को सही दिशा दे सकता है। गुरु कृपा से ही मानव अपने भीतर छिपी शक्ति को पहचान पाता है और आत्मिक उन्नति की ओर बढ़ता है l स्वामी नीरजानंद  ने कहा कि सच्चा गुरु वही होता है जो शिष्य को अज्ञान से ज्ञान की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर तथा भटकाव से स्थिरता की ओर ले जाए। गुरु का उद्देश्य शिष्य को आत्मनिर्भर बनाना और उसे प्रभु से जोड़ना होता है। जब शिष्य गुरु को पहचानकर उनके बताए मार्ग पर चलता है, तभी उसका जीवन सार्थक बनता है।

इस अवसर पर सभी साधको द्वारा अखंड साधना की गई। साधना के दौरान वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना रहा। गुरु स्मरण एवं साधना के माध्यम से सभी ने मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। साधना के उपरांत सभी के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सेवा भावना और समरसता का सुंदर उदाहरण देखने को मिला। सभी श्रद्धालुओं ने पंक्ति में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के साधक, एवं स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देते हैं।

अंत में आयोजकों द्वारा सभी श्रद्धालुओं, सेवाधारियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार के आध्यात्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के माध्यम से समाज को सही दिशा देने का संकल्प लिया गया।

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