सरकारी स्कूलों के बच्चों की चिंता: दरंग स्कूल में गर्म कोट वितरण, डॉ. आर.एन. शर्मा सम्मानित - Smachar

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सरकारी स्कूलों के बच्चों की चिंता: दरंग स्कूल में गर्म कोट वितरण, डॉ. आर.एन. शर्मा सम्मानित

 सरकारी स्कूलों के बच्चों की चिंता: दरंग स्कूल में गर्म कोट वितरण, डॉ. आर.एन. शर्मा सम्मानित


दरंग स्कूल के सभी बच्चो को गर्म कोट सिलवा कर आवांटित करने के लिए पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने डाक्टर आर एन शर्मा का जताया आभार ........ 

 ठंड तो सरकारी स्कूल में पढने वाले बच्चो को भी लगती है । यहां पूर्व मुख्यमन्त्री प्रो प्रेम कुमार धूमल जी का कथन स्टीक उतरता है जव गाय दूध देती है तो हमारी है दूध देना बन्द किया तो सरकारी है । यह प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए समाज सेवा में समर्पित इन्साफ संस्था के अध्यक्ष एवं पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने कहा यह सर्वविदित है सरकारी स्कूलों में कोन बच्चे पढते हैं। इसका अन्दाजा इसी से लगाया जा सकता है। जो अध्यापक सरकारी स्कूलों में पढ़ाते है ओर इन्हीं स्कूल रुपी शिक्षा के मन्दिरों से अपनी जीविका अर्जित करके अपने परिवार का लालन पालन करते हैं। यही नहीं इन्हीं स्कूल से बच्चो को पढ़ाते-पढाते अध्यापक , प्राध्यापक , मुख्य अध्यापक , प्रधानाचार्य , उप निदेशक , सहायक यहाँ तक कि निदेशक जैसे शिखर पद तक पहुँचते हैं। आखिर उनके बच्चे कहां पढते हैं । यह शिक्षा की गुणवत्ता पर किसी भी शिक्षा मन्त्री के लिए कुर्सी में बैठते ही सबसे बड़ा प्रश्न एवं अध्‍ययन का विषय है । पूर्व विधायक ने कहा उन्हे इस बात की बेहद प्रसन्नता है जव बतौर विधायक उन्हे विधानसभा में शिक्षा नीति पर लाये गये प्रस्ताव पर बोलने का मोका मिला था तो सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चो की व्यथा को इस अन्दाज में टच किया था । "याद याता है , बीता हुआ वो जमाना , फटियो होन्दी थी पैन्ट कने भोकयां ( छेदों ) वाला पजामा "। अर्थात स्कूल की वर्दी की पैन्ट में आगे भी रफ्फू ओर पीछे भी रफ्फू । इस प्रकार के दिल को छू लेने वाले कई विषय सदन के नेता एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल जी के ध्यानार्थ आये थे ओर अन्ततोगत्वा उन्होंने गरीब बच्चों के दुख दर्द को समझा परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश के तमाम सरकारी स्कूलों में "अटल वर्दी योजना" शुरू करने की घोषणा की थी । बाकायदा प्रो धूमल जी के शासनकाल में बच्चो को वर्दी ही नहीं, वर्दी की सिलाई भी दी जाती थी । आज वर्तमान सुक्खू सरकार के राज में केबल आठवीं तक सिर्फ लड़कियों व जातीय वर्गीकरण के आधार पर छ: सो रुपये वर्दी के नाम पर छात्रों को दिये जा रहे है। पूर्व विधायक ने इन स्कूलों की व्यथा ,वेदना व पीड़ा को देखकर प्रो प्रेम कुमार धूमल जी के उस कथन को स्मरण करवाते हुए कहा जव गाय दूध देती है तो हमारी है , गाय ने दूध देना बन्द कर दिया तो सरकारी है। ऐसे में किस तरह लोग गऊ माता द्वारा दूध ने देने की स्थिति में बेसहारा अर्थात आवारा छोड़ देते हैं। इसी प्रसंग पर पूर्व विधायक ने कहा पिछले दिनों भारी बरसात के चलते जमा दो सरकारी स्कूल दरंग का भवन पानी के रिसाव की जकड़ में आ गया । मुताबिक स्कूल रिपोर्ट स्थानीय प्रशासन ने मोका मुआइना करके आनन फानन में स्कूल भवन को असुरक्षित घोषित करके बच्चो को तुरन्त प्रभाव से अन्यत्र शिफ्ट करने के फरमान जारी कर दिये । क्योंकि स्कूल सरकारी था । पूर्व विधायक ने कहा यह वही स्कूल है। जहां से उन्होंने दसवीं तक शिक्षा ग्रहण की है। लेकिन यहाँ के ओल्ड स्टूडेंट ने सरकार के इस भवन को अपना भवन समझ कर अपनी अपनी यथा शक्ति से योगदान करके लाखों रुपये एकत्रित कर इस असुरक्षित घोषित स्कूल भवन का अपने घर के भवन की तरह शानदार पुनर्निर्माण करवा कर सुरक्षित बना दिया । यही नहीं इसी स्कूल के ओल्ड स्टूडेंट रहे सुप्रसिद्ध शिशु वाल विशेषज्ञ डाक्टर आर एन शर्मा ने इसी स्कूल में पढ रहे सभी छात्र छात्राओं के लिए ठिठुरती ठंड के दृष्टि गत गर्म कोट सिलवा कर अवांटिर किये । इसके अतिरिक्त चिल्ड्रेन पार्क , झूले , कम्प्यूटर , प्रिंटर , लाइब्रेरी रैक , गमले , स्टैण्ड इत्यादि लाखों रुपये के वाद्य यंत्र प्रदान करने के लिए पूर्व विधायक ने इनका तहेदिल से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है।


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