आराध्य देव कंचन नाग, गौतम-व्यास ऋषि आज से तपस्या में होंगे लीन - Smachar

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आराध्य देव कंचन नाग, गौतम-व्यास ऋषि आज से तपस्या में होंगे लीन

 आराध्य देव कंचन नाग, गौतम-व्यास ऋषि आज से तपस्या में होंगे लीन

लोहड़ी पर्व से स्वर्ग प्रवास पर चले जाएंगे घाटी के देवी देवता।    


मनाली : ओम बौद्ध /

 पर्यटन नगरी मनाली की उझी घाटी अपनी अनूठी परम्पराओं के लिए जानी जाती है । उझी घाटी के लोग अपनी देव परंपराओं को आज भी कायम रखे हुए हैं । आज एक बार फिर पर्यटन नगरी मनाली की उझी घाटी के नौ गांव के लगभग ग्यारह हजार आवादी के लोग देव आदेश के पालन के लिए तैयार हैं। ऐतिहासिक गांव गोशाल टीवी, रेडियो सहित मनोरंजन के सभी साधन को ग्रामीणों ने देव आदेश के चलते अपने से दूर करने की तैयारी कर ली है। उझी घाटी के नौ गांव 14 जनवरी से 42 दिन तक देव आदेश में बंधने जा रहे हैं। इन गांवों के लोगों के आराध्य देव गौतम-व्यास ऋषि व नाग देवता के आदेश का पालन करेंगे। गौशाल गांव के ऐतिहासिक मंदिर की सभी घंटियां बंद हो जाएगी और मंदिर के कपाट भी बंद हो जाएंगे। 

मान्यता है कि गांव के आराध्य देव 14 जनवरी से तपस्या में लीन हो जाएंगे।25 फरवरी के दिन देवता के कपाट खुलेंगे l देवताओं को शांत वातावरण मिले, इसके लिए ग्रामीण गांव में रेडियो व टीवी नहीं चलाएंगे और न ही खेतों का रुख करेंगे। उझी घाटी के गोशाल गांव सहित कोठी, सोलंग, पलचान, रुआड़, कुलंग, शनाग, बुरुआ तथा मझाच के लोग आज भी देव प्रतिबंध का पालन सदियों से पूरी श्रद्धा से कर रहे हैं। व्यापक प्रतिबंध के चलते गोशाल गांव के ग्रामीण रेडियो-टीवी का प्रयोग नहीं करेंगे, जबकि अन्य गांव के ग्रामीण खेतों में नहीं जाएंगे। ग्रामीण मेहर चंद ठाकुर, कृष्णा ठाकुर व वेद राम ठाकुर का कहना है कि उझी घाटी के नौ गांवों के लोग 14 जनवरी से देव प्रतिबंध में बंधने जा रहे हैं। ग्रामीण 42 दिन तक देव आज्ञा का पालन करेंगे। स्वर्ग प्रवास से लौटने पर देवताओं का स्वागत करेंगे तथा आराध्य देवों के सम्मान में उत्सव का भी आयोजन करेंगे। देवता स्वर्ग प्रवास से लौटते ही भविष्य में होने वाली साल भर की हालात से लोगों को देव शेष दे कर रुवरु करेंगे l

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