विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण’ को बताया स्थायी रोजगार की दिशा में बड़ा कदम: विपिन परमार
‘विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण’ को बताया स्थायी रोजगार की दिशा में बड़ा कदम: विपिन परमार
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर केंद्रीय भाजपा हाई कमान के निर्देश पर आज नूरपुर मे आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपिन परमार ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत ‘विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण’ को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह विधेयक शीतकालीन सत्र के दौरान एनडीए सरकार द्वारा लाया गया एक ऐतिहासिक कदम है जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत को स्थायी रोजगार और आजीविका से जोड़ना है।उन्होंने कहा कि यह मिशन युवाओं, महिलाओं और गरीब वर्ग को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। इसके तहत कृषि, बागवानी, फूड प्रोसेसिंग व क्षेत्रीय पंचायतओ में हस्तशिल्प, मत्स्य पालन, डेयरी फार्मिंग और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रशिक्षण देकर उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ने की व्यवस्था भी इसमें की गई है।
विपिन परमार ने स्पष्ट किया कि यह योजना अल्पकालिक रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को जीवनभर की स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना है ताकि रोजगार के अभाव में हो रहे पलायन को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि गांव में ही उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ने से देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने कांग्रेस पर इस योजना को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आजादी के बाद से लेकर अब तक विभिन्न सरकारों द्वारा ग्रामीण रोजगार से जुड़ी कई योजनाएं लाई गईं और उनके नाम बदले जाते रहे हैं। ऐसे में केवल नाम को लेकर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा रोजगार की गुणवत्ता, पारदर्शिता और स्थायित्व होना चाहिए।फंडिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर विपिन परमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहाड़ी राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए 90:10 के अनुपात में वित्तीय सहायता का प्रावधान किया है, जबकि अन्य राज्यों के लिए यह अनुपात 60:40 है। उन्होंने मनरेगा का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों में औसतन केवल 50 प्रतिशत रोजगार ही उपलब्ध हो पाया, जबकि नई योजना में 125 दिनों के रोजगार, सात दिनों के भीतर भुगतान और डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में राशि पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।उन्होंने कहा कि इस मिशन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग, पंचायत स्तर पर निगरानी और समयबद्ध भुगतान की व्यवस्था की गई है। विपिन परमार ने इसे विकसित भारत 2047 के संकल्प की दिशा में ग्रामीण भारत के लिए एक नया युग बताया। इस मौके पर संजय शर्मा व भाजपा के विधायक रणवीर सिंह निक्का व पूर्व विधायक रीटा धीमान व बीजेपी संगठन से जुड़े पदाधिकारी संजय गुलेरिया व जिला नूरपुर भाजपा के अध्यक्ष राजेश उर्फ़ काका व नगर परिषद के अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा उर्फ़ शिवू व प्रवेश मेहरा नगर पार्षद व भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता अतुल सूदन व भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थेl


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