न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद एनएच-003 को मिली नई राह, डीकेएस को सौंपा गया काम
न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद एनएच-003 को मिली नई राह, डीकेएस को सौंपा गया काम
प्रो. अनुपमा सिंह की याचिका लाई रंग, एनएच-003 निर्माण में बड़ा बदलाव
मंडी : अजय सूर्या /
मंडी जिले में लगभग 42 किलोमीटर लंबे तलयाहर बाइपास से आगे लागधार तक राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-003 के निर्माण कार्य का जिम्मा अब डीकेएस (Dinesh Kumar Construction) को सौंप दिया गया है। यह अहम निर्णय प्रो. अनुपमा सिंह के निरंतर प्रयासों और प्रभावी हस्तक्षेप के बाद लिया गया, जिससे लंबे समय से विवादों में घिरे इस प्रोजेक्ट को नई दिशा मिलने की उम्मीद जगी है।
गौरतलब है कि प्रो. अनुपमा सिंह ने एनएच-003 पर पूर्व में कार्यरत कंपनी द्वारा किए गए घटिया निर्माण, गुणवत्ता मानकों की अनदेखी और निर्धारित समय में कार्य पूरा न करने के आरोपों को लेकर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में निर्माण कार्य में गंभीर खामियों और नियमों के उल्लंघन को रेखांकित किया गया, जिस पर उच्च न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया।
5 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय के आदेशानुसार गवार कंपनी के माध्यम से सूर्य कंपनी को किए जाने वाले भुगतान पर रोक लगा दी गई। कोर्ट के इस आदेश के बाद सूर्य कंपनी को फिलहाल किसी भी प्रकार का भुगतान बंद कर दिया गया है, जिसे प्रशासन की ओर से एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
एनएच-003 की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों में लंबे समय से रोष बना हुआ था। स्थानीय लोगों का कहना था कि आवश्यकता होने के बावजूद यह कार्य करीब छह माह पूर्व क्यों शुरू नहीं किया गया, इस पर भी सवाल उठते रहे हैं। अब निर्माण कार्य डीकेएस जैसी अनुभवी कंपनी को सौंपे जाने से क्षेत्र में उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है।
डीकेएस के पूर्व ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए यह अपेक्षा की जा रही है कि एनएच-003 का निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाएगा, जिससे आमजन को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा मिल सकेगी।
हालांकि, असली परीक्षा अब ज़मीन पर होगी—क्योंकि अदालत के आदेश काग़ज़ों पर होते हैं, और विकास की वास्तविक कसौटी जनता की सड़क पर ही तय होती है।


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