जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय हरिपुर मनाली व राजकीय महाविद्यालय कुल्लू के द्वारा शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया ।
जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय हरिपुर मनाली व राजकीय महाविद्यालय कुल्लू के द्वारा शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया ।
मनाली : ओम बौद्ध /
यह शैक्षणिक भ्रमण मनाली से शुरू हुआ और ओड़िसा 2341 किमी यात्रा करते हुए पूरी पहुँचा । जिसमें महाविद्यालय हरिपुर, मनाली के 30 व राजकीय महाविद्यालय कुल्लू के 25 विद्यार्थीयों ने भाग लिया।महाविद्यालय हरिपुर, मनाली कार्यक्रम अधिकारी डॉ इंदु व प्रो ज्योति बाला और राजकीय महाविद्यालय कुल्लू से कार्यक्रम अधिकारी प्रो मोनिका व प्रो पूजा ने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन मनाली से लेकर ओड़िसा तक किया गया जिसमें विद्यार्थियों को सबसे पहले दिल्ली भ्रमण करवाया गया है।
दिल्ली में विद्यार्थियों श्री खाटू श्याम मंदिर में दर्शन किए उसके बाद , लाल क़िला, हुमायूँ का मक़बरा, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समर्पित स्मारक “राजघाट” और अक्षरधाम मंदिर का भ्रमण किया।
इसके बाद विद्यार्थियों ने अपनी प्रथम रेल यात्रा का अनुभव पुरुषोत्तम एक्सप्रेस एसी कोच से लिया ।
ओड़िसा पहुँच कर प्रथम दिवस विद्यार्थियों ने सबसे पहले पूरी में चौथे धाम “श्री जगन्नाथ” के दर्शन किए और उनका महाप्रसाद ग्रहण किया। सभी विद्यार्थी मंदिर ध्वजारोहण के साक्षी बने ।
शाम को विद्यार्थियों ने भारत के ब्लू फ्लैग बीच “गोल्डन बीच” में समुंदर की लहरों का आनंद लिया। समुंदर की लहरो को देखना और छूना सभी बच्चो के लिए प्रथम आनंदमयी अनुभव रहा ।
द्वितीय दिवस सभी “चिलिका झील” भ्रमण के लिए गए।
चिलिका झील एशिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है और यह विश्व में द्वितीय स्थान पर सबसे बड़ी खारे पानी की झील है जो अपनी सुंदरता, पक्षियों और डॉल्फ़िन के लिए प्रसिद्ध है। विद्यार्थियों ने चिलका झील में 4 घंटे बोट की सवारी की और झील में आइलैंड देखे साथ ही भ्रमण करते हुए बच्चो ने लाल केंकड़े देखे और शाम सूर्यास्त का मनमोहक दृश्य देखते हुए वापस आए।
तीसरे दिन विद्यार्थियों ने यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल “कोणार्क सूर्य मंदिर” देखा जिसे 13वीं सदी में पूर्वी गंग शासक नरसिंह देव प्रथम ने बनवाया था। यह मंदिर सूर्य देव को समर्पित है और सूर्य के रथ के आकार में बना है, जिसमें 24 पहिये और 7 घोड़े हैं, जो अपनी जटिल नक्काशी और कलिंग वास्तुकला के लिए जाना जाता है।
इसके इतिहास को जानने के बाद बच्चो ने चंद्रभागा बीच की ख़ूबसूरती का आनंद लिया ।
चौथे दिन विद्यार्थियों को प्रसिद्ध उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएं दिखाई गई। इन गुफाओं का निर्माण लगभग पहली और दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में महामेघवाहन वंश के राजा खारवेल के आदेश पर किया गया था। यह स्थान जैन भिक्षुओं की साधना और ध्यान के लिए समर्पित स्थान रहा है ।
इसके पश्चात विद्यार्थियों को नंदनकानन चिड़ियाघर घुमाया गया जो अपनी सफेद बाघों की आबादी, घड़ियालों के प्रजनन केंद्र, वनस्पति उद्यान, और कंजिया झील के साथ प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। विद्यार्थियों ने इसके अंदर सफेद बाघ, हाथी, जिराफ, घड़ियाल अजगर विभिन्न नाना प्रकार की प्रजातियाँ देखी।
9 दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण सम्पूर्ण कर दसवे दिन सभी विद्यार्थी अच्छी यादों और ढेर सारे अनुभव ले कर वापस अपने घर पहुँचे । शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन शारीरिक शिक्षा विभाग व वाणिज्य विभाग हरिपुर मनाली और वाणिज्य विभाग कुल्लू के द्वारा किया गया ।
महाविद्यालय हरिपुर मनाली की प्राचार्या डॉ शेफाली और राजकीय महाविद्यालय कुल्लू के प्राचार्य डॉ राकेश राणा ने डॉ इंदु, प्रो ज्योति बाला, प्रो मोनिका व प्रो पूजा को सफल कार्यक्रम के लिए बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए उन्हें शैक्षिक भ्रमण जैसे अवसर प्रदान करने आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को कक्षा के बाहर व्यावहारिक ज्ञान,नेतृत्व और समायोजन के गुण, नए अनुभव, भोजन और संस्कृतियों से रूबरू कराने के लिए ले जाया जाने वाला एक सुनियोजित दौरा है। जो मनोरंजन के साथ-साथ सीखने का भी एक माध्यम है जिससे उनके सामाजिक, भावनात्मक और अकादमिक विकास को बढ़ावा मिलता है। सफल भ्रमण के लिए उन्होंने चारों कार्यक्रम अधिकारियों और सभी विद्यार्थियों को बधाई दी ।


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