तलबाड़ा रेल हेड को सड़क, हवाई के बाद अब जलमार्ग से जोड़ने की तैयारी - Smachar

Header Ads

Breaking News

तलबाड़ा रेल हेड को सड़क, हवाई के बाद अब जलमार्ग से जोड़ने की तैयारी

तलबाड़ा रेल हेड को सड़क, हवाई के बाद अब जलमार्ग से जोड़ने की तैयारी – पौंग बांध में बोटिंग से देहरा, जवाली, फतेहपुर और नगरोटा सूरियां को जोड़ने की योजना


नूरपुर : विनय महाजन /

 नूरपुर जिला कांगड़ा की जवाली विधानसभा, नगरोटा सूरियां क्षेत्र, फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र और देहरा विधानसभा क्षेत्र से विकास को लेकर एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा की सीमा के साथ पंजाब के तलबाड़ा रेल हेड, जहां वर्तमान में रेल सेवाएं संचालित हो रही हैं और आने वाले समय में अन्य ट्रेनों के साथ वंदे भारत एक्सप्रेस की सुविधा मिलने की संभावना है, अब सड़क और हवाई संपर्क के साथ-साथ जलमार्ग से भी जोड़ा जाएगा। यह जानकारी फतेहपुर के विधायक एवं राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) भवानी सिंह पठानिया ने फतेहपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उल्लेखनीय है कि विधायक भवानी सिंह पठानिया पहले ही पौंग बांध क्षेत्र को “पर्यटन की राजधानी” का दर्जा देने की बात कर चुके हैं । मुख्यमंत्री के कांगड़ा या फतेहपुर दौरे के दौरान लगाए गए स्वागत पोस्टरों में भी “टूरिज्म कीराजधानी भवानी सिंह पठानिया ने बताया कि आगामी जून माह से पौंग बांध में बोटिंग और शिकारा सेवाएं पूरी तरह से शुरू कर दी जाएंगी। इसके साथ ही फतेहपुर , देहरा, जवाली और नगरोटा सूरियां को जल परिवहन के माध्यम से जोड़ने के लिए 30-सीटर बोट चलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य पौंग बांध के रास्ते इन क्षेत्रों को तलबाड़ा रेल हेड से जोड़कर बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाना है।

हमारा उद्देश्य है कि तलबाड़ा रेल हेड को सड़क और हवाई मार्ग के साथ-साथ जलमार्ग से भी जोड़ा जाए। जून माह से पौंग बांध में बोटिंग की सुविधा शुरू हो जाएगी और 30-सीटर बोट के माध्यम से देहरा, जवाली और नगरोटा सूरियां को तलबाड़ा से जोड़ा जाएगा। इस संबंध में प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया है, जो वर्तमान में विचाराधीन है।भवानी सिंह पठानिया ने बताया कि भविष्य में वंदे भारत ट्रेन के तलबाड़ा स्टेशन तक पहुंचने से पहले यात्रियों को सड़क के साथ-साथ जलमार्ग के माध्यम से भी बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा पौंग बांध क्षेत्र में दो अन्य स्थानों को इको-टूरिज्म से जोड़ने के लिए भी चिन्हित कर लिया गया है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

कोई टिप्पणी नहीं