राजकीय महाविद्यालय चम्बा की राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर "संकल्प 2025-26" के तीसरे दिन के कार्यक्रम का आयोजन हुआ । - Smachar

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राजकीय महाविद्यालय चम्बा की राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर "संकल्प 2025-26" के तीसरे दिन के कार्यक्रम का आयोजन हुआ ।

 आज राजकीय महाविद्यालय चम्बा की राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर "संकल्प 2025-26" के तीसरे दिन के कार्यक्रम का आयोजन हुआ ।


उक्त जानकारी देते हुए कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर अविनाश ने कहा कि तीसरे दिन सर्वप्रथम स्वयंसेवी अदिति ठाकुर द्वारा दूसरे दिन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके बाद एन एस एस गीत "उठें समाज के लिए उठें- उठें, जगें स्वराष्ट्र के लिए जगें जगें, स्वयं सजें वसुंधरा संवार दें" गाकर दिन की शुरुआत की । स्वयंसेवी शान्तो द्वारा आज का विचार " सफलता कभी कभार किये गए काम से नहीं मिलती, बल्कि सतत किये गए कार्यों व मेहनत. से. मिलती हैँ " सब के समक्ष रखा गया।

कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवी शिवानी द्वारा समाज में युवाय नेतृत्व एवं युवाओं का राष्ट्र निर्माण में योगदान विषय पर विशेष व्याख्यान रखा। 

इसके पश्चात् भारत की पहली महिला शिक्षिका साबित्रिबाई फुले की जयंती के उपलक्ष्य पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। स्वयंसेवी चुना लोन द्वारा साबित्रिबाई फुले के जीवन, उनकी संघर्ष और योगदान पर व्याख्यान रखा गया।

स्वयंसेवी तमन्ना ठाकुर द्वारा भारत की पहली महिला शिक्षिका साबित्रिबाई फुले की जीवन दर्शन को समर्पित एकदम बेहतरीन स्वरचित कविता प्रस्तुत की गयी।

पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रमानुसार दूसरे दिन स्वयंसेवियों द्वारा महाविद्यालय के आस पर सुल्तानपुर वार्ड में विस्तृत सफाई अभियान चलाया गया । इस दौरान स्वयंसेवियों द्वारा रास्तों की सफाई की, कूड़ा करकट हटाया, महाविद्यालय परिसर के आस पड़ोस सफाई की, कूड़ा, पॉलिथीन व प्लास्टिक इकट्ठा किया गया। स्वयंसेवियों द्वारा इकट्ठा किया हुआ प्लास्टिक नगर परिषद चम्बा को सौंपा गया। स्वच्छ चम्बा - सुंदर चम्बा, प्लास्टिक हटाओ, पर्यावरण बचाओ, प्लास्टिक मुक्त चम्बा- सुंदर चम्बा, पेड़ लगाओ पर्यावरण बचाओ के नारे लगाकर सुल्तानपुर वार्ड के लोगों, आस पास के दुकानदारों, अन्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूक किया । इस दौरान स्थानीय लोगों का सफाई अभियान में सहयोग किया गया।  

अकादमिक सत्र में खालसा कॉलेज अमृतसर से सहायक आचार्य प्रोफेसर ट्विंकल वैद ने स्त्रोत व्यक्ति के रूप में शिरकत की। 

अपने सम्बोधन में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका, प्राकृतिक आपदा, आपदा प्रबंधन, भारत में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास विषय पर अपने विचार रखे।

उन्होंने कहा कि भारत में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए, सरकार पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (EPA) 1986 कानून बनाया गया है। स्वच्छ हवा, जल, वनों व जैव विविधता के संरक्षण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैँ जबकि नागरिक और युवा 'प्रकृति रक्षति रक्षित' के सिद्धांत पर चलते हुए, नवाचार जैसे केले के पत्ते की पैकेजिंग और 'ज़रूरत के मुताबिक उपयोग' के विचार को अपनाकर टिकाऊ जीवनशैली की ओर बढ़ रहे हैं, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को बचाया जा सके और आर्थिक-सामाजिक विकास भी हो सके।

इस अवसर पर सुल्तानपुर वार्ड के अंतर्गत लोगों में शशि कपूर, नेहा ठाकुर, रूचि, नवनीत, संदीप पठानिया, रीता, निखिल, लकी, पीयूष, मोहित, कार्तिक सलारिया, कार्यक्रम अधिकारियों में प्रोफेसर अविनाश, प्रोफेसर संतोष, स्वयंसेवियों में सूजल, जीतेन्द्र सिंह, अंकिता, कार्तिक, अदिति, कविन्द्र, अक्षिता, नागेश, भारती, सुनैना, हिमानी, अमित, भावना, पलक, वर्षा, पिंकू, चुना लोन, अक्षिता, अश्विन, नीरज, अखिल, निखिल गौतम, लतू, शेर सिंह, शान्तो, मनीषा, साधना, जानवी, नेहा व खेम राज इत्यादि उपस्थित रहे ।

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