ग्रामीण भारत को केंद्र में रखकर बदली बजट की दिशा : डॉ. राजीव भारद्वाज
ग्रामीण भारत को केंद्र में रखकर बदली बजट की दिशा : डॉ. राजीव भारद्वाज
पहाड़ी राज्यों के साथ कोई भेदभाव नहीं : हिमाचल को मिलता रहेगा 90:10 का लाभ
अब शहर नहीं, गांव विकास की प्राथमिकता — बजट का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों पर खर्च
सदन में गंभीर विषयों पर चर्चा से भागता विपक्ष : डॉ. भारद्वाज
नारी शक्ति अधिनियम पर 18 घंटे की चर्चा, जवाब के समय हंगामा
धर्मशाला
सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने धर्मशाला में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि भारत मूल रूप से गांवों का देश है, जहां करीब 75 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में बजट का 75 प्रतिशत हिस्सा शहरों पर खर्च होता था और गांवों को मात्र 25 प्रतिशत मिलता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस असंतुलन को समाप्त करते हुए बजट का रुख गांवों की ओर मोड़ दिया है। आज ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डॉ. भारद्वाज ने इंडी एलायंस (विपक्ष) के व्यवहार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि नारी शक्ति अधिनियम जैसे ऐतिहासिक विषय पर संसद में रात ढाई बजे तक चर्चा हुई। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं देर रात तक सदन में मौजूद रहे और कुल 18 घंटे चर्चा चली। लेकिन जब सरकार की ओर से जवाब देने का समय आया तो विपक्ष ने केवल शोर-शराबा कर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार किया। उन्होंने केंद्र के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी विकास कार्यों में अनावश्यक बाधाएं डालने का आरोप लगाया।
अंत्योदय भाजपा की आत्मा, कांग्रेस केवल नाम बदलने की राजनीति करती रही भाजपा की विचारधारा को स्पष्ट करते हुए सांसद ने कहा कि पार्टी का मूल मंत्र ‘अंत्योदय’ है — समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का उत्थान। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वर्षों तक कांग्रेस ने योजनाओं के केवल नाम बदले, चाहे वह जवाहर रोजगार योजना हो या मनरेगा। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस नाम बदलती थी तो सब ठीक था, लेकिन अब जब भाजपा व्यवस्था में वास्तविक सुधार कर रही है तो कांग्रेस को आपत्ति हो रही है।
मनरेगा में ऐतिहासिक सुधार, अब रोजगार न मिले तो मिलेगा भत्ता
1.51 लाख करोड़ का बजट, 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित
ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना पर बोलते हुए डॉ. भारद्वाज ने कहा कि 1.51 लाख करोड़ रुपये के बजट का सीधा लाभ गांव-गांव तक पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि पहले 100 दिन के रोजगार के दावे के बावजूद लोगों को औसतन केवल 51 दिन का काम मिलता था, जबकि अब इसे बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। साथ ही, यदि किसी पात्र व्यक्ति को रोजगार नहीं मिलता है तो उसे भत्ता देने का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस इन गरीब-हितैषी सुधारों का भी विरोध करेगी?
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश शर्मा, संजय शर्मा, विनय शर्मा, एडवोकेट विश्व चक्षु, कांगड़ा भाजपा संगठनात्मक ज़िला अध्यक्ष सचिन शर्मा भी मौजूद रहे।


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