पंचायत चुनाव टालकर प्रिंसिपलों को प्रशासक बनाना बच्चों के भविष्य से खिलवाड़

 पंचायत चुनाव टालकर प्रिंसिपलों को प्रशासक बनाना बच्चों के भविष्य से खिलवाड़

भाजपा प्रवक्ता अखिलेश कपूर का कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला


मनाली : ओम बौद्ध /

मार्च 2026 माह में पूरे प्रदेश में बोर्ड परीक्षाएं और वार्षिक परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं और ऐसे महत्वपूर्ण समय में कांग्रेस सरकार द्वारा स्कूल प्रिंसिपलों को ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने के निर्णय पर भाजपा प्रवक्ता अखिलेश कपूर ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला हिमाचल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करने वाला और बच्चों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है।

अखिलेश कपूर ने कहा कि एक ओर कांग्रेस सरकार पंचायत चुनाव न करवा कर ग्रामीण लोकतंत्र की हत्या कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रिंसिपलों को पंचायतों में तैनात कर बच्चों की पढ़ाई और भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश पहले ही शिक्षकों की भारी कमी, बिगड़ते शिक्षक–विद्यार्थी अनुपात और गिरते शिक्षा स्तर से जूझ रहा है, तब परीक्षाओं के दौरान प्रिंसिपलों को प्रशासनिक जिम्मेदारियों में झोंकना पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना कदम है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे महत्वपूर्ण परीक्षा काल में प्रिंसिपलों का पूरा ध्यान बच्चों की पढ़ाई, अतिरिक्त कक्षाओं, रिवीजन कराने और शिक्षकों को उनके शैक्षणिक कार्य में लगाने पर होना चाहिए, न कि पंचायतों की प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की लगभग 3615 ग्राम पंचायतों में यदि प्रिंसिपलों को प्रशासक बनाया गया, तो हजारों स्कूल नेतृत्वविहीन हो जाएंगे और पढ़ाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी। उन्होंने बताया कि हिमाचल में आदर्श शिक्षक–विद्यार्थी अनुपात 1:20 होना चाहिए, जबकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में यह 1:35 से 1:40 तक पहुंच चुका है, जिसका सीधा असर शिक्षा की गुणवत्ता और परीक्षा परिणामों पर पड़ रहा है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पूर्व भाजपा शासन काल में हिमाचल प्रदेश देश के शीर्ष 5 शिक्षा राज्यों में गिना जाता था, लेकिन आज राष्ट्रीय शैक्षणिक सर्वेक्षणों में प्रदेश की स्थिति शीर्ष से फिसलकर मध्य स्तर पर पहुंच गई है। सरकारी स्कूलों में नामांकन घट रहा है, ड्रॉपआउट बढ़ रहा है और अभिभावक मजबूरी में बच्चों को निजी स्कूलों में भेज रहे हैं।

अखिलेश कपूर ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव न करवाकर कांग्रेस सरकार हिमाचल की जनता के साथ धोखा कर रही है। चुनाव न होने के कारण पंचायतें निष्क्रिय हो गई हैं और केंद्र सरकार से मिलने वाली ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार शिक्षा और ग्रामीण विकास दोनों मोर्चों पर विफल साबित हुई है और प्रदेश को व्यवस्था पतन की ओर ले जा रही है।

भाजपा प्रवक्ता ने मांग की कि पंचायत चुनाव तुरंत कराए जाएं, शिक्षा विभाग में खाली पद शीघ्र भरे जाएं और प्रिंसिपलों को प्रशासनिक प्रयोगों से दूर रखा जाए, अन्यथा भाजपा सड़क से सदन तक आंदोलन करने को मजबूर होगी।

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