धर्मपुर में नशे के खिलाफ मातृशक्ति का मोर्चा, गांव-गांव गठित होंगी निगरानी समितियां
धर्मपुर में नशे के खिलाफ मातृशक्ति का मोर्चा, गांव-गांव गठित होंगी निगरानी समितियां
महिला दिवस 8 मार्च तक हर गांव में बनेगी महिला निगरानी कमेटी
सरकाघाट, मंडी : अजय सूर्या /
धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में नशे के खिलाफ एक सशक्त जनआंदोलन का रूप लेता अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। धर्मपुर नशा मुक्ति अभियान समिति द्वारा साक्षरता, ज्ञान विज्ञान एवं नशा मुक्ति अभियान समिति के सहयोग से “युवा बचाओ, भविष्य बचाओ” अभियान को नए वर्ष से और तेज कर दिया गया है। इस अभियान का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय कोच भूपिंदर भूप्पी, समिति के संस्थापक एवं पूर्व पार्षद भूपेन्द्र सिंह तथा सचिव सुनीता बिष्ट कर रहे हैं।
अभियान के तहत अब तक धर्मपुर क्षेत्र में छह क्षेत्रीय कमेटियों का गठन किया जा चुका है। 15 जनवरी तक धर्मपुर खंड की 50 प्रतिशत पंचायतों में कमेटियां गठित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अभी तक 15 पंचायतों में कमेटियों का गठन पूरा कर लिया गया है। इन कमेटियों में महिला मंडल, स्वयं सहायता समूह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा वर्कर प्रमुख भूमिका निभा रही हैं।
अभियान की विशेष बात यह है कि यह पूरी तरह जनसहयोग से संचालित हो रहा है। अब तक लगभग पांच लाख रुपये की राशि जनसहयोग से एकत्र कर मैराथन दौड़, स्कूलों में जागरूकता शिविर, महिलाओं की सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं एवं बैठकों पर खर्च की जा चुकी है। अभियान में धर्मपुर के बुद्धिजीवी, पूर्व सैनिक और बड़ी संख्या में महिलाएं सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
टिहरा, चोलथरा, सज्जाओ, धर्मपुर, बरोटी और मंडप में गठित क्षेत्रीय कमेटियों के माध्यम से अभियान चलाया जा रहा है। महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंचायत स्तर पर महिला सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। कई स्थानों पर महिलाओं ने नशा तस्करों की नाकेबंदी कर उन्हें खदेड़ने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
इसी कड़ी में बीते दिन ग्राम पंचायत सरी में सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास धवाल नामक स्थान पर महिलाओं ने एक दर्जन नशेड़ियों की घेराबंदी की। महिलाओं ने सड़क पर बांस व लकड़ियां डालकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया और स्कूटर व मोटरसाइकिल से भाग रहे नशेड़ियों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि बाद में वे भागने में सफल हो गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
साक्षरता एवं ज्ञान विज्ञान समिति तथा नशा मुक्ति अभियान समिति से जुड़े भूपेन्द्र सिंह, सुनीता बिष्ट, कोच भूपिंदर भूप्पी, डॉ. विना राठौर, डॉ. आई.एस. वर्मा, कैप्टन रमेश तपवाल सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के साहसिक कदम की सराहना की। उन्होंने सभी गांवों में नशा मुक्ति के लिए निगरानी समितियां गठित कर नाकेबंदी करने की अपील की।
कोच भूपिंदर भूप्पी ने कहा कि नशे की रोकथाम में महिलाओं की भूमिका सबसे अहम है। यदि महिलाएं एकजुट हो जाएं तो नशे पर बहुत जल्द नियंत्रण पाया जा सकता है। समिति ने 8 मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तक हर गांव में महिला निगरानी कमेटी गठित करने का संकल्प दोहराया है, ताकि युवाओं को नशे के मकड़जाल से बचाया जा सके और एक मजबूत जनआंदोलन खड़ा किया जा सके।


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