जुड़ा गांव के पंडित राम देव भट्ट ने खून जमा देने वाली टंड में चंद्रभागा में डुबकी लगाकर पूरी की रस्में - Smachar

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जुड़ा गांव के पंडित राम देव भट्ट ने खून जमा देने वाली टंड में चंद्रभागा में डुबकी लगाकर पूरी की रस्में

 जुड़ा गांव के पंडित राम देव भट्ट ने खून जमा देने वाली टंड में चंद्रभागा में डुबकी लगाकर पूरी की रस्में

हरिद्वार की जगह लोग अब चंद्रभागा के तांदी संगम में प्रवाहित कर रहे अस्तियां 


मनाली : ओम बौद्ध /

पंडित राम देव भट्ट द्वारा रस्मों और विधिविधान के आगे माइनस तापमान और खून जमा देने वाली ठंड भी फीकी पड़ गई।  

जुड़ा गांव के पंडित राम देव भट्ट ने चंद्रभागा में डुबकी लगाकर रस्में पूरी की। लाहौल घाटी के लोग अब हरिद्वार की जगह चंद्रभागा के तांदी संगम में आस्तियां प्रवाहित करने लगे हैं। लाहौल के साथ पांगी और मनाली, कुल्लू से भी लोग अब परिजनों के अस्थि विसर्जन के लिए तांदी संगम पहुंच रहे हैं। नवंबर 2015 में विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल का देहांत हुआ तो उन दिनों बर्फबारी के चलते रोहतांग दर्रा बंद होने से अगले वर्ष 12 जून 2016 में पूर्व केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री महेश शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर तथा पूर्व सांसद रहे रामस्वरूप शर्मा की उपस्थिति में अशोक सिंघल की अस्थियों को तांदी संगम में विसर्जित किया गया था। इसके बाद 2018 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के की अस्थियां भी यहां विसर्जित की गई। प्राचीन ग्रंथों में चंद्रभागा संगम के पास द्रोपदी के देहावसान का वर्णन मिलता है। कृष्ण कांत के अनुसार पांडव जब स्वर्गारोहण के लिए निकले तो इस जिले के तांदी नामक स्थान पर द्रोपदी बीमार हुईं और उन्होंने प्राण वहीं त्याग दिए और यहां उनका दाह संस्कार किया गया। बाद में द्रोपदी की अस्थियों को यहीं विसर्जित किया गया। इसका जिक्र ग्रंथों में भी किया गया है।

पंडित राम देव भट्ट ने बताया कि आस्था की जब बात आती है तो माइनस तापमान भी कुछ नहीं कर पाता है। उन्होंने बताया कि आज अपने जजमान की अस्थियां बहाने के लिए चंद्रभागा नदी में डुबकी लगाई और विधिविधान से सभी कार्य पूरे किए। लोगों का मानना है कि यह संगम गंगा जितना पवित्र है l यहां अस्थियां विसर्जन करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है l यही कारण है l लोग अब अन्य जिलों से आ कर यहीं अस्थियां विसर्जन करते हैं l इस स्थान को हरिद्वार जितना पवित्र माना जा रहा है l

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