पंचायती राज चुनावों पर हाइकोर्ट का फैसला शानदार, सीएम की प्रतिक्रिया हैरान करने वाली : सुधीर शर्मा
पंचायती राज चुनावों पर हाइकोर्ट का फैसला शानदार, सीएम की प्रतिक्रिया हैरान करने वाली : सुधीर शर्मा
पंचायती राज चुनावों को टालने का प्रयास करती रही सरकार की टोली, अब हुआ न्याय
धर्मशाला
धर्मशाला से विधायक व फायर ब्रांड भाजपा नेता सुधीर शर्मा ने हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज और नगर निकायों के चुनावों को लेकर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सुनाए गए फैसले का स्वागत किया है। सुधीर शर्मा ने यहां जारी बयान में कहा कि यह निर्णय ऐतिहासिक है। यह लोकतंत्र की जीत है। सुधीर शर्मा ने कहा कि न्यायालय का यह फैसला उन ताकतों के लिए एक कड़ा सबक है, जो सत्ता के मद में चूर होकर संवैधानिक मर्यादाओं को कुचलने का प्रयास कर रही हैं। सुधीर शर्मा ने हिमाचल की कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पिछले पांच महीनों से प्रदेश में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का हवाला देकर चुनावों को टालने का प्रयास कर रहे हैं, जोकि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस कानून का उपयोग आपदा के समय लोगों की जान और माल की रक्षा के लिए होना चाहिए, उसका सुक्खू सरकार उसका उपयोग अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन को बचाने के लिए कर रही है। आपदा की आड़ में लोकतंत्र का गला घोंटना कांग्रेस की पुरानी कार्य संस्कृति रही है। उन्होंने कहा, हिमाचल प्रदेश में ग्राम पंचायत, नगर निगम और नगर निकायों के चुनाव में सरकार जिस तरीके से मनमानी पर उतारू है, उससे यह साफ है कि सुक्खू सरकार को किसी भी कायदे-कानून और संविधान की चिंता नहीं है। हिमाचल की जनता देख रही है कि किस तरह संवैधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। जानबूझकर चुनावों को टाला जा रहा है। सुधीर शर्मा ने कहा कि माननीय न्यायालय के फैसले के बाद सीएम सुक्खू ने जिस तरह की प्रतिक्रिया दी है, वह हैरान करने वाली है। हम हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं।
कांग्रेस नेता जनता को तंग कर रहे, छुटभैये कर रहे गुमराह
सुधीर शर्मा ने कहा कि सीएम ने धर्मशाला की जनता को नीचा दिखाने के लिए धर्मशाला के काम रोके हैं। इसमें स्थानीय छुटभैये नेताओं का भी बड़ा हाथ है। सीयू के पैसे सीएम ने रोके हैं। इसी तरह धर्मशाला की दो प्रमुख कूहलों जमघट और मोमण को जाइका में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन नालायक छुटभैये नेता झूठ बोलकर किसानों को गुमराह करते रहे। सब्जी मंडी, ओबीसी भवन व कूहलों, डंगों के काम रोके गए हैं। पंचायतों की ओर से किए जाने वाली खरीद को बीडीओ आफिस धर्मशाला से करवाया जा रहा है। कमीशनखोरी का धंधा चल रहा है। कांगड़ा कार्निवाल में उगाही को सारा प्रदेश देख चुका है।


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