एनएचएआई की मेहनत से कुल्लू मनाली रोड लौटा पुराने स्वरूप में
एनएचएआई की मेहनत से कुल्लू मनाली रोड लौटा पुराने स्वरूप में
मनाली : ओम बौद्ध /
साल 2025 में मनाली में आई त्रासदी के बाद कुछ लोगों ने एनएचएआई के कार्यप्रणाली पर भले ही स्वाल खड़े किए हों लेकिन उसी एनएचएआई ने मनाली के पर्यटन सीजन को बचाने में अहम योगदान रहा है । मनाली में अगस्त 2025 को आई बाढ ने कुल्लू मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह से तहस नहस कर दिया था । कुल्लू मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग के करीबन सोलह जगह सड़क का नामोनिशान मिट गया था और जहाँ कभी सड़क होती थी वहाँ ब्यास नदी बह रही थी । सडक़ की हालात देख कर किसी ने सोचा नहीं था कि 2025 का क्रिसमस और न्यू ईयर का पर्यटन सीजन चल पाएगा। लेकिन एनएचएआई के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिम्मत नहीं हारी और सड़क बहाली के लिए दिन दुगनी रात चौगुनी कोशिश की। 25 से अधिक बड़ी मशीनों को लगा कर दिन रात एक कर रिकार्ड समय में अस्थाई रूप से सड़क ठीक कर यातायात बहाल कर दिया।सड़क परिवहन मंत्री स्वयं कुल्लू मनाली दौरे पर पहुंचे और हर संभव मदद का आश्वासन दिया । एनएचएआई केबल कुल्लू मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग को ठीक नहीं कर रही बल्कि कुल्लू मनाली बाम तट मार्ग को भी ठीक करने के लिए करोड़ों रुपये दे चुकी है ।एनएचएआई का कारवां यही नहीं रुका बल्कि अस्थाई रूप से तैयार सड़क को पक्का करने और ब्लैक टॉप का काम भी शुरू कर दिया। इस के अलावा एनएचएआई ने 13 स्थानों को चिह्नित किया है जहां ब्यास नदी में पक्की दीवार लगाने का काम भी जल्द शुरू किया जाने बाला है । इस बार विभाग ने सौ साल के इतिहास को ध्यान में रख कर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार किया है । इस बार कहीं आरसीसी तो कहीं काउंटरफ़र्ट आरसीसी दीवार लगेगी।राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाढ से हुए नुकसान की जगह पर विभाग ने लगभग तीन मीटर खुदाई कर दस जगहों पर काम भी शुरू करने की कवायद भी शुरू होगी ताकि आने वाले समय में कुल्लू मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षित हो सके।इस तरह पक्की दीवार लगने से ब्यास नदी के आसपास रहने वालों का मकान और जमीन भी सुरक्षित होगी।एनएचएआई कुल्लू मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए सुविधाजनक बनाने और आपदा में सुरक्षित करने का हर संभव पर्यास कर रही है । नेशनल हाईवे द्वारा क्षतिग्रस्त ब भूसंखलन जगहों पर हाईवे द्वारा आरसीसी दीवारों का कार्य भी तेजी से हो रहा है ताकि लोगों के खेत खलियान और घरों को कोई नुकसान न हो l अशोक चौहान ने बताया कि काउंटरफ़र्ट का अर्थ थूनी या आधार स्तंभ है ये एक संचनात्मक तत्व है जो दीवारों को ढहने से बचाने के लिए विपरीत दवाब के बिरुध सहायता प्रदान करता है । ये विशेष रूप से रोटेनिंग वाल में मिट्टी के दवाब को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है । ये दीवार समकोण त्रिभुज के आकार जैसी रहती है रेजिडेंट इंजीनियर अशोक चोहान ने बताया कि कुल्लू मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने का हर सभव प्रयास एनएचए आई के द्वारा किया जा है


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