हिमाचल प्रदेश: बाहरी राज्यों के IAS अधिकारियों पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद; IAS एसोसिएशन ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
हिमाचल प्रदेश: बाहरी राज्यों के IAS अधिकारियों पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद; IAS एसोसिएशन ने दर्ज कराया कड़ा विरो
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट मंत्री द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के उनके मूल राज्य (जैसे यूपी और बिहार) को लेकर की गई हालिया टिप्पणियों पर विवाद गरमा गया है। HP IAS ऑफिसर्स एसोसिएशन ने इस पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एक सार्वजनिक बयान जारी किया है।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि अधिकारियों को उनके राज्य के आधार पर निशाना बनाना न केवल अनुचित है, बल्कि यह सिविल सेवा के मनोबल और तटस्थता को भी नुकसान पहुँचाता है।
प्रमुख बिंदु:
क्षेत्रवाद पर आपत्ति: एसोसिएशन ने कहा कि हाल ही में एक कैबिनेट मंत्री द्वारा दी गई टिप्पणियों में उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से आने वाले IAS अधिकारियों की निष्ठा पर सवाल उठाए गए थे। एसोसिएशन के अनुसार, अधिकारियों को उनके जन्म स्थान के आधार पर "सिंगल आउट" करना गलत है।
संवैधानिक मर्यादा का हवाला: पत्र में याद दिलाया गया है कि 'ऑल इंडिया सर्विसेज' (AIS) के अधिकारी संवैधानिक और वैधानिक तंत्र के माध्यम से पूरे देश में सेवा करते हैं। उनकी नियुक्तियां व्यक्तिगत पसंद नहीं, बल्कि एक तय प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
प्रशासन पर असर: बयान में चेतावनी दी गई है कि इस तरह के सामान्यीकरण से जनता का संस्थानों पर भरोसा कम होता है और शासन व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
सरकार से मांग: एसोसिएशन ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह अधिकारियों की गरिमा और सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए जाएं कि सार्वजनिक चर्चा नीतियों और परिणामों पर केंद्रित हो, न कि अधिकारियों की व्यक्तिगत या क्षेत्रीय पृष्ठभूमि पर।


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