चम्बा शहर में पुलिस के कड़े पहरे के बीच मंगलवार रात लोहड़ी पर्व धूमधाम से मनाया गया
चम्बा शहर में पुलिस के कड़े पहरे के बीच मंगलवार रात लोहड़ी पर्व धूमधाम से मनाया गया।
चंबा : जितेन्द्र खन्ना /
पुलिस को नगर में स्थित चौदह मढ़ व मढ़ियों में कई स्थलों पर घटित हिंसक घटनाएं रोकने के लिए कड़ी मशक्कत के दौर से गुजरना पड़ा। पहली झड़प का राज नौण स्थल पर आगाज होने के बाद हर मढ़ व मढ़ी में हल्की- फुल्की झड़पों में नगर परिक्रमा की रस्म आगे बढ़ती रही। जिसमें तमाम सुरक्षा जवानों के उपस्थिति में घटित मारपीट की घटनाएं खूनी लोहड़ी के प्रतीक को सिद्ध करती हैं। इन पर काबू पाने के लिए पुलिस जवानों को स्वयं झगड़े में शामिल हो मामला शांत करने सहित बीच-बचाव करना पड़ा। हालांकि इस मौके पर पुलिस मुस्तैदी के कारण कोई ऐसी बड़ी घटना तो घटित नहीं हुई जिसमें पुलिस को किसी गुट पर मामला दर्ज करना पड़ा हो। किंतु छुटपुट वारदातों ने पुलिस के सुरक्षा इंतजामों को काफी हद तक सही करार दिया है। प्राचीन रस्म को आज भी नगर के विभिन्न वार्डों के नौजवानों द्वारा अदा किया जाता है। पहले रस्म मुताबिक भूत-प्रेतों को शांत करने के लिए बलि द्वारा रक्त बहाव किया जाता था। जिला चम्बा की तांत्रिक लोहड़ी उत्तर भारत में काफी प्रसिद्ध है। आपको बता दें कि रियासत काल में लोहड़ी पर्व के दौरान मढ़ियों के कब्जे को लेकर अगर मारपीट में किसी भी जान भी चली जाए, तो राजा की ओर से एक खून माफ होता था। सदियों से चली आ रही खूनी लोहड़ी की परंपरा आज भी कायम है। आज भी मढ़ियों को लेकर मारपीट होती है। कइयों के सिर फूटते हैं। इस दौरान पुलिस का भी कड़ा पहरा रहता है। हालांकि वर्षों से जानी नुकसान का कोई मामला सामने नहीं आया है। एसपी चम्बा विजय कुमार सकलानी ने बताया हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी लोहड़ी पर्व को लेकर सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के सभी इंतजाम किए गए थे।


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