“नारी शक्ति वंदन का विरोध कर कांग्रेस ने दिखाया असली चेहरा—आधी आबादी के सम्मान पर सीधा हमला!”: विपिन सिंह परमार
“नारी शक्ति वंदन का विरोध कर कांग्रेस ने दिखाया असली चेहरा—आधी आबादी के सम्मान पर सीधा हमला!”: विपिन सिंह परमार
पालमपुर
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सुलह विधानसभा क्षेत्र से विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करना देश की आधी आबादी का अपमान है। यह स्पष्ट करता है कि महिला सशक्तिकरण को लेकर विपक्ष की सोच कितनी संकीर्ण और विरोधाभासी है। आज पूरे देश के सामने उन लोगों का असली चेहरा बेनकाब हो चुका है, जो केवल राजनीति के लिए महिलाओं के अधिकारों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन जब उन्हें वास्तविक अधिकार देने की बात आती है तो वे पीछे हट जाते हैं। कांग्रेस द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह देश की करोड़ों माताओं-बहनों के सम्मान के खिलाफ सीधा प्रहार है। देश की जागरूक जनता इस दोहरे चरित्र का करारा जवाब देगी।
इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी संगठनात्मक जिला पालमपुर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके महान विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर सुलह विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित रहा है। उनका सपना एक ऐसे भारत का था, जहां हर व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान मिले, और भारतीय जनता पार्टी उसी संकल्प को आगे बढ़ा रही है।
विपिन सिंह परमार ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक ओर कांग्रेस बाबा साहेब के नाम पर राजनीति करती है, वहीं दूसरी ओर उनके सिद्धांतों और मूल्यों को पूरी तरह नजरअंदाज करती है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में डॉ. अंबेडकर के विचारों का सम्मान करती, तो वह कभी भी महिलाओं को सशक्त बनाने वाले इस ऐतिहासिक अधिनियम का विरोध नहीं करती। यह साफ दर्शाता है कि कांग्रेस का एजेंडा केवल सत्ता प्राप्ति तक सीमित है, न कि समाज के उत्थान से।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम उसी दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है, जो महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में बराबरी का अधिकार देता है। लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस बदलाव से घबरा गए हैं, क्योंकि उन्हें महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती नजर आ रही है।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट संकल्प है—“सामाजिक न्याय, समानता और सशक्त भारत।” यही बाबा साहेब का सपना था और यही भाजपा की विचारधारा का मूल आधार है। भाजपा केवल बातें नहीं करती, बल्कि योजनाओं के माध्यम से जमीन पर उतरकर समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है।
विपिन सिंह परमार ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के नाम पर बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन आज तक वे पूरे नहीं हुए। महिलाएं आज भी अपने अधिकारों और वादों की पूर्ति का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है, जिसे प्रदेश की जनता भली-भांति समझ चुकी है।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि देश की जनता अब जागरूक हो चुकी है और वह ऐसे दलों को सबक सिखाने के लिए तैयार है, जो महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के साथ खिलवाड़ करते हैं। आने वाले समय में जनता अपने वोट के माध्यम से कांग्रेस को करारा जवाब देगी और महिला सशक्तिकरण के पक्ष में खड़ी भाजपा को और मजबूत बनाएगी।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें