रिवालसर झील में आस्था व श्रद्धा की डुबकी, बैसाखी मेले के दूसरे दिन उमड़ी भीड़
झील में आस्था व श्रद्धा की डुबकी, बैसाखी मेले के दूसरे दिन उमड़ी भीड़
रिवालसर : अजय सूर्या /
बैसाखी पर्व के पावन अवसर पर रिवालसर झील के पवित्र घाट पर मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्रदेश और बाहरी क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने ऐतिहासिक झील में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया।
सुबह तड़के से ही झील परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था, जो दिनभर जारी रहा। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से पवित्र स्नान करने के बाद यहां स्थित प्राचीन शिव मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर तथा बाबा धजाधारी मंदिर में पूजा-अर्चना कर शीश नवाया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार रिवालसर झील में स्नान करने से मनुष्य को पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से बैसाखी जैसे शुभ अवसर पर यहां स्नान करने का महत्व और भी बढ़ जाता है। झील का शांत वातावरण और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
वहीं, ऐतिहासिक गुरुद्वारा रिवालसर साहिब में भी सिख श्रद्धालुओं की दिनभर आवाजाही बनी रही। गुरु दरबार में श्रद्धालुओं के लिए लंगर प्रसाद की व्यवस्था की गई, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
उधर, बैसाखी मेले के दूसरे दिन उमड़ी भीड़ से स्थानीय बाजारों में भी रौनक देखने को मिली, जिससे व्यापारियों के चेहरे खिल उठे। मेले के दौरान सभा स्थल पर क्षेत्र के विभिन्न महिला मंडलों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया

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