चुरसेयो में मौत का रास्ता बना बघेईगढ़-चांजू मार्ग, 7 साल से लटकी मरम्मत
चुरसेयो में मौत का रास्ता बना बघेईगढ़-चांजू मार्ग, 7 साल से लटकी मरम्मत
चंबा : जितेन्द्र खन्ना /
चुराह घाटी के बघईगढ़- चांजू मार्ग पर चुरसेयो के पास क्षतिग्रस्त सड़क और ढह चुकी सुरक्षा दीवार अब स्थानीय लोगों के लिए जी का जंजाल बन गई है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मंडल ने अधिवक्ता जय सिंह की अगुवाई में उपायुक्त को एक मांग पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने बताया कि बघेईगढ़ से चांजू मार्ग पर एक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट से महज 50 मीटर की दूरी पर वर्ष 2017 में हुए भूस्खलन ने अब एक खौफनाक मंजर अख्तियार कर लिया है। सात साल बीत जाने के बाद भी लोक निर्माण विभाग इस सड़क की सुध लेने में नाकाम रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है। बीते 14 अप्रैल को भी यहां दो बड़े हादसे होते- होते टले।एक कार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हुई, वहीं एक अन्य टैक्सी का पहिया सड़क से बाहर निकल गया। गनीमत रही कि चालकों की सूझबूझ से कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर पहले भी कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन विभाग किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार टेंडर तो हुआ, लेकिन ठेकेदार काम अधूरा छोड़कर भाग गया। प्रोजेक्ट से प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए मिलने वाला लाडा फंड भी लोक निर्माण विभाग को दिया गया था, मगर धरातल पर सड़क की स्थिति जस की तस है। ग्रामीणों का आरोप है कि पावर प्रोजेक्ट की सड़क निर्माण गतिविधियों के कारण ही यह हिस्सा कमजोर हुआ और भूस्खलन बढ़ा है। कई बार विभाग के समक्ष मांग उठाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने मांग की है भूस्खलन क्षेत्र में तत्काल पुख्ता सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाए। साथ ही पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज व्यवस्था की जाए और लापरवाह ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। वहीं, उपायुक्त ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई करने का आश्वासनों दिया है।

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