डाढ़ में तीन दिवसीय छिंज बसोआ मेले में रजत काँगड़ा ने मलकीत अजनाला को हराकर माली अपने नाम की।
डाढ़ में तीन दिवसीय छिंज बसोआ मेले में रजत काँगड़ा ने मलकीत अजनाला को हराकर माली अपने नाम की।
चामुंडा बैसाखी के पावन अवसर पर गांव डाढ़ में तीन दिवसीय भव्य मेले का समापन बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया । 14, 15 और 16 अप्रैल तक चलने वाले इस मेले में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक रौनक देखने को मिली।मेले का शुभारंभ समाज सेवी वरूण कपूर पहले दिन के मुख्यातिथि द्वारा शोभायात्रा,पूजा अर्चना व झंडा रस्म के साथ किया गया। मेला कमेटी के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों और पर्यटकों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। मेले के एक माह पहले छोटी छोटी कन्याएं भगवान शंकर और पार्वती की लाकर इनका पूजन करती हैं और एक माह के उपरांत विधिवत विवाह करवाया जाता है और बैशाखी वाले दिन मूर्तियों का विसर्जन बाण गंगा में किया जाता है। जिसके उपलक्ष्य में डाढ़ में तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है । आज समापन समारोह के मुख्यातिथि त्रिलोक कपूर ने शिरकत की । उन्होंने मेले के उत्थान के लिए 31000 हज़ार रुपये दिए तथा कुश्ती ग्राउंड के साथ सीढियां वनवाने का आश्वासन दिया। अंतिम दिन कुश्तियों के विजेता जिसमें बड़ी माली के विजेता रजत काँगड़ा को 31000हज़ार रुपये और उप विजेता मलकीत अजनाला को21000हज़ार रुपये देकर सम्मानित किया गया।

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