नई कार्यकारिणी के गठन के बाद हिमाचल कांग्रेस कार्य समिति की पहली बैठक, संगठन और सरकार में समन्वय पर होगी चर्चा
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद हिमाचल कांग्रेस कार्य समिति की पहली बैठक, संगठन और सरकार में समन्वय पर होगी चर्चा
आनंद शर्मा की नाराज़गी पर बोलीं रजनी पाटिल, कांग्रेस के साथ हैं आनंद शर्मा, कभी कभी नज़रजगी स्वाभाविक
शिमला : गायत्री गर्ग /
गुरुवार को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी के गठन के बाद प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पहले कार्य समिति की बैठक बुलाई गई. इस बैठक में शामिल होने के लिए हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल शिमला पहुंची. वहीं बैठक में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और अन्य मंत्री 2 बजे के बाद शामिल होंगे. इस मौके पर हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि बैठक में सरकार और संगठन के बीच समन्वय बनाने के लिए चर्चा होगी. साथ ही पार्टी नेताओं की शिकायतों पर भी सरकार के साथ चर्चा होगी. इसके अलावा कांग्रेस नेता आनंद शर्मा की नाराजगी के लेकर रजनी पाटिल ने कहा कि आनंद शर्मा पुराने कांग्रेस के नेता हैं और कांग्रेस के साथ रहेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी में काम करने वाले कार्यकर्ता का कभी-कभी नाराज होना स्वाभाविक है.
रजनी पाटिल ने कहा कि कार्यकारिणी के गठन के बाद यह पहले कार्य समिति की बैठक बुलाई गई है. बैठक में सरकार और संगठन के बीच समन्वय को लेकर चर्चा होगी. उन्होंने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं नेताओं को शिकायत हैं उनको भी सरकार के समक्ष रखा जाएगा. इसके अलावा संगठन में नियुक्तियों में हो रही देरी को लेकर रजनी पाटिल ने कहा कि रिक्त स्थानों पर भी जल्द ही नियुक्ति की जाएगी. उन्होंने कहा कि नियुक्ति में कोई परेशानी नहीं है जल्दी ही नियुक्तियों का समाचार मिलेगा.
वहीं कांग्रेस नेता आनंद शर्मा की नाराज़गी और उनके भाजपा में जाने की चर्चाओं पर प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि आनंद शर्मा पुराने कांग्रेसी नेता है और वह कांग्रेस के साथ रहेंगे. हिमाचल कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि उन्होंने कल खुद आनंद शर्मा से मुलाकात की है. संगठन में काम करने वाले कार्यकर्ताओं में कभी कबार नाराजगी होना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि आनंद शर्मा पार्टी परिवार के सदस्य हैं और उनका साथ लेकर आगे बढ़ेंगे.
उधर महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में 33 फ़ीसदी आरक्षण बिल को लेकर रजनी पाटिल ने कहा कि भाजपा इस कानून को बनाने की जल्दबाजी में है. कांग्रेस महिलाओं को आरक्षण देने के समर्थन में है, लेकिन पहले जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाए. रजनी पाटिल ने कहा कि कांग्रेस का पक्ष है कि पहले सेंसस और डीलिमिटेशन किया जाए. उसके बाद महिलाओं को आरक्षण देने का का कानून बनाया जाना चाहिए.

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