राजा का तालाब में अंतर्राज्यीय साहित्यिक गोष्ठी: पहाड़ी कविताओं, ग़ज़लों और भजनों ने बांधा समां
राजा का तालाब में अंतर्राज्यीय साहित्यिक गोष्ठी: पहाड़ी कविताओं, ग़ज़लों और भजनों ने बांधा समां
राजा का तालाब(कांगड़ा)
कोटे वाली मंदिर गुरियाल राजा का तालाब परिसर में रविवार को अंतर्राज्यीय साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया।जिसमें पंजाब और हिमाचल प्रदेश भर से आए साहित्यकारों, कवियों ने हिस्सा लेकर कार्यक्रम में अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज करवाई। इस दौरान उपस्थित ख्याति प्राप्त हस्तियों ने अपनी लय से पहाड़ी कविताओं, भजनों और ग़ज़लों से समय बांध दिया।साहित्य गोष्ठी की
अध्यक्षता साहित्यकार प्रभात शर्मा पूर्व सचिव शिक्षा बोर्ड ने की।जबकि एसडीएम सलीम आजम व राष्ट्र स्तरीय गजलकार पाल गुरदासपुरी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।मंच का संचालन कपिल मेहरा और सुरेश श्रेयस ने किया। वहीं मुख्य संचालन की भूमिका में साहित्यकार पंकज दर्शी ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।इस मौके पर प्रबंधन कोटेवाली माता मंदिर कमेटी गुरियाल प्रधान केशव सिंह तथा अन्य सदस्य भी शामिल रहे। शशि चौहान माता के भजन से कार्यक्रम की शुरुआत की।वहीं हरवंत सिंह कविता टीस, विजय उपाध्याय की व्यंग्य कविता, कपिल मेहरा की वृक्ष वन पर कविता, सुरेश की पहाड़ी कविता टपरू, रमेश मस्ताना की पहाड़ी कविता पहाड़ी नार का श्रृंगार, सैक्रेड सोल के छात्र यश प्रताप की रावी च बगियां तीन नेहरां व्यंग्य कविता, प्रभात शर्मा की नसीहत देती कविता, अशोक चित्रकार की उर्दू नज़्म, सतनाम की गजल, पाल गुरदासपुरी के मशहूर शेयर और गजल, सलीम आजम की कविता कांगड़ी धाम, पंकज दर्शी की पहाड़ी कविता स्याले दा सूरज, तारा सिंह का राम भजन, राम सिंह लोकगायक की तर्रुनुम में गजल, राज गुरदासपुरी के शेयर, पूर्ण चंद की पहाड़ी कविता, सतीश वशिष्ठ की हिंदी कविता नारी शक्ति और श्रोताओं में निर्मला की भजन प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।इस मौके पर उपस्थित श्रोताओं ने साहित्यिक गोष्ठी का खूब लुत्फ उठाया ।इस मौके पर साहित्यकारों को प्रबंधन कमेटी मां कोटे वाले ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
उक्त सफल आयोजन के लिए अध्यक्ष प्रभात शर्मा ने संचालक साहित्यकार पंकज दर्शी, योजना के लिए एसडीएम सलीम आजम और मंदिर कमेटी की सराहना की ।इस।मौके पर धौलाधार साहित्य कला मंच की तरफ से कोटेवाली माता मंदिर प्रबंधन कमेटी को आभार स्मृति चिन्ह भेंट करके उक्त अंतर्राज्यीय साहित्यिक गोष्ठी का समापन हुआ । इस मौके पर चित्रकार अमन आरसी, प्रधानाचार्य प्रभात पावा, साहित्यकार विजय पुरी, सेवानिवृत कप्तान अनिल कुमार सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित रहे ।
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