राज्यपाल ने किया सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का आह्वान

 राज्यपाल ने किया सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का आह्वान

अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के 19वें राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल हुए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता


पालमपुर

राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने आज पालमपुर स्थित चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के दो दिवसीय 19वें राष्ट्रीय अधिवेशन के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। राज्यपाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा महर्षि वाल्मीकि एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।


इस अवसर पर, जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ऐसे सम्मेलन समाज को नई दिशा देने तथा सामाजिक संवाद को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने में महासभा के योगदान की सराहना की।


 कविंद्र गुप्ता ने कहा कि देश में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में निरंतर सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं ताकि विकास की मुख्यधारा से कोई भी वंचित न रहे।


राज्यपाल ने कहा, “समाज में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना और आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करना हमारी साझा जिम्मेदारी है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामाजिक समरसता और समावेशी विकास अत्यंत आवश्यक है।”


बीते एक दशक में हुए सुधारों और विकासात्मक पहलों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास” का मंत्र सार्थक रूप से साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं और महिलाओं का सशक्तिकरण विकसित भारत के निर्माण का मजबूत आधार बनकर उभरा है। स्वच्छ भारत मिशन की सफलता का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस अभियान को जन आंदोलन बनाने में वाल्मीकि समाज की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है।


 गुप्ता ने कहा, “स्किल इंडिया, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सफाई कर्मियों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।”


राज्यपाल ने लोगों से शिक्षा, जागरूकता, सामाजिक समरसता और एकता की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण और समावेशी विकास में वाल्मीकि समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी है।


इससे पूर्व, महासभा के पदाधिकारियों ने राज्यपाल का स्वागत एवं सम्मान किया। तेलंगाना से आए प्रतिनिधियों ने भी राज्यपाल को विशेष रूप से सम्मानित किया।


इस अवसर पर , कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.के. पांडा, महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  रामगोपाल राजा, कार्यकारी अध्यक्ष  सीताराम, महासचिव  राकेश गिल, हिमाचल इकाई के अध्यक्ष दीपक लाहौरवी, जूना अखाड़ा के यति निर्भयानंद सहित विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।


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