सिक्किम की भीषण बाढ़ में बह कर आए सेना के मोर्टार गोले के फटने से दो लोगों की मौत, घायलों में 2 की हालत अत्यंत गंभीर

सिक्किम की भीषण बाढ़ में बह कर आए सेना के मोर्टार गोले के फटने से दो लोगों की मौत व घायलों में 2 की हालत अत्यंत गंभीर 


जलपाईगुड़ी पुलिस ने एक परामर्श जारी कर लोगों से अपील की है कि नदी के साथ बहकर नीचे आए आग्नेयास्त्रों या विस्फोटकों को न छुएं। उसने कहा, ‘‘सिक्किम में भीषण बाढ़ के कारण आग्नेयास्त्रों और विस्फोटकों सहित कुछ सैन्य उपकरण तीस्ता नदी में बहकर आ गए हैं।

हम लोगों से आग्रह करते हैं कि वे सतर्क रहें और किसी भी अपरिचित वस्तु, बक्से, पैकेज, आग्नेयास्त्र या पानी में तैरती हुई किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना तुरंत निकटतम पुलिस थाने को दें।'' पुलिस ने कहा, ‘‘कृपया इन वस्तुओं को न छुएं, क्योंकि इनमें खतरनाक विस्फोट हो सकता है।'' कीचड़ के नीचे विस्फोटक होने की आशंका सिक्किम सरकार ने भी इसी प्रकार की चेतावनी दी है और लोगों से तीस्ता नदी के बेसिन में जाते समय सावधान रहने को कहा है, क्योंकि वहां कीचड़ के नीचे विस्फोटक और हथियार होने की आशंका है। राज्य भूमि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने एक परामर्श जारी कर लोगों से इस प्रकार के गोला-बारूद को न छूने की हिदायत दी। स्थानीय लोगों को निर्देश दिया गया है कि उन्हें नदी बेसिन इलाकों में कोई विस्फोटक सामग्री मिले तो वे जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को इस बात की सूचना दें।

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में तीस्ता नदी में बाढ़ के बाद कथित तौर पर बह कर आए मोर्टार के गोले में विस्फोट होने से दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए।

पुलिस का मानना है कि मोर्टार का यह गोला सेना का था और सिक्किम में बादल फटने एवं बाढ़ आने के बाद यह पहाड़ियों से बहकर नीचे आ गया था। दो की मौत, चार लोग घायल स्थानीय स्थानीय पुलिस सूत्रों ने कहा है कि पीड़ित संभवतः बाढ़ के पानी के द्वारा बहकर आए मोर्टार के गोले को पहचानने की कोशिश कर रहे थे उसी दौरान गुरुवार की रात उसमें विस्फोट हो गया. पुलिस ने कहा, 'इस धमाके में घायल चार लोगों में से दो की हालत गंभीर है और मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘चार घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।' उन्होंने कहा घायलों में से दो की हालत अत्यंत गंभीर है और मृतक संख्या बढ़ने की आशंका है।

इसलिए जलपाईगुड़ी पुलिस ने एक परामर्श जारी कर लोगों से अपील की है कि नदी के साथ बहकर नीचे आए आग्नेयास्त्रों या विस्फोटकों को न छुएं। 

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