जिला कांगड़ा में प्राकृतिक खेती द्वारा उगाई गई मक्की की रिकार्ड खरीद

 जिला कांगड़ा में प्राकृतिक खेती द्वारा उगाई गई मक्की की रिकार्ड खरीद 


हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ष पहली बार प्राकृतिक खेती से उगाई जाने वाली मक्की की खरीद 25 अक्तूबर से 30 अक्टूबर,2024 तक की गई । प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक विधि से उगाई जाने वाली मक्की का समर्थन मूल्य 30 रुपए प्रति किलो निर्धारित किया था। जिसमें प्राकृतिक खेती द्वारा उगाई गई मक्की की खरीद के लिए जिला कांगड़ा में तीन खरीद केंद्र सिविल सप्लाई के गोदामों (नगरोटा बगवां, फतेहपुर व ढलियारा) में स्थापित किए थे। जिसमें नगरोटा बगवां केंद्र में 78 किसानों ने 56.48 क्विंटल, फतेहपुर में 145 किसानों ने 269.24 क्विंटल तथा डलियारा में 113 किसानों ने 153.40 क्विटंल प्राकृतिक खेती द्वारा उगाई गई मक्की बेची| इसके अतिरिक्त आत्मा विभाग के प्रतिनिधियों द्वारा मक्की खरीद का पूर्ण ब्यौरा किसान वार तथा मात्रा वार निगम के थोक गोदाम में उपलब्ध करवाया । डॉo राजकुमार भारद्वाज, परियोजना निदेशक, आत्मा कांगडा ने बताया कि जिला कांगड़ा में 329 प्राकृतिक खेती किसानों ने फॉर्म भरे थे तथा लगभग 443 क्विंटल प्राकृतिक मक्की की खरीद का लक्ष्य इन तीन केंद्रों में रखा था लेकिन ज़िला कांगड़ा में रिकॉर्ड स्तर पर प्राकृतिक खेती मक्की की खरीद की गई । जिले में 336 किसानों ने 479.11 क्विंटल मक्की को खरीद केन्द्रों में बेची जो कि लक्ष्य से 36 क्विंटल अधिक है।

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

10वीं ,12वीं ,ग्रेजुएट इच्छुक आवेदक करें आवेदन

सरकार बदलते ही सरकारी स्कूलों में बैग आबंटन पर रोक लगा दी

नशीले पदार्थों पर टैक्स में वृद्धि करने की मांग को लेकर उपायुक्त चम्बा डीसी राणा के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया

कांगड़ा में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कल सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे

भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: कांगड़ा जिला में कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

90-90 मीटर के छक्के लगा रहे वैभव सूर्यवंशी, लगा ये सनसनीखेज आरोप

चंबा में सदवां के ट्रैक्टर मैकेनिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

हरसर देहरी की लड़की ने हाड़ा में खुद की वीडियो पर लिया यूं टर्न,कहा डिप्रेशन में बनाई थी वीडियो

वजीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय देहरी में लगी आग

भारी बारिश के बीच हिमाचल में उच्च शिक्षा संस्थान बंद, ऑनलाइन कक्षाओं पर जोर