अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला 2025 की व्यापारिक गतिविधियों के लिए शहर का चैगान नं-एक दो करोड सत्रह लाख रूपए में
अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला 2025 की व्यापारिक गतिविधियों के लिए शहर का चैगान नं-एक दो करोड सत्रह लाख रूपए में
चम्बा : जितेन्द्र खन्ना /
नीलाम हुआ है। चैगान नं-एक की नीलामी राशि में इस वर्ष 21 लाख रूपए की राशि का इजाफा हुआ है। गत वर्ष
चैगान नं-एक एक करोड 96 लाख में नीलाम हुआ था। नीलामी प्रक्रिया के दौरान प्रिंस ट्रेडिंग कंपनी ने सर्वाधिक रेट
कोड कर चैगान नं-एक का ठेका हासिल किया है। मिंजर मेला तहबाजारी उपसमिति की ओर से चैगान नं एक का आर
क्षत मूल्य दो करोड छह लाख रूपए निर्धारित किया गया था। हालांकि नीलामी प्रक्रिया के दूसरे चरण में चैगान नं दो और
तीन नहीं बिक पाए हैं। इसके चलते अब इन चैगानों को एक सप्ताह के भीतर ओपन बोली के जरिए नीलाम किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मिंजर मेला तहबाजारी उपसमिति ने इस वर्ष शहर के चार चैगानों को नीलाम करके करीब सवा तीन
करोड रूपए का आरक्षित मूल्य निर्धारित किया है। नीलामी प्रक्रिया के पहले चरण में तहबाजारी उपसमिति ने चैगान नं
चार को चैदह लाख 25 हजार रूपए में नीलाम कर लिया था। इस चैगान का आरक्षित मूल्य चैदह लाख रूपए रखा
गया था। पहले चरण में चैगान नं एक, दो व तीन नहीं बिक पाए थे। इसके चलते इन तीन चैगानों को नीलाम करने के
लिए आनलाइन माध्यम से दोबारा टेंडर बुलाए गए थे।
मिंजर मेला तहबाजारी उपसमिति के संयोजक और एसडीएम सदर प्रियांशु खाती की अगुवाई में दूसरे चरण की नीलामी
प्रक्रिया के टेंडर खोले गए। इसमें चैगान नं-एक के लिए तीन टेंडर डाले गए थे। इनमें प्रिंस ट्रेडिंग का टेंडर क्वालीफाई
किया है। चैगान नं दो के टेंडर में ठेकेदार द्धारा आरक्षित मूल्य से कम रेट कोड करने और चैगान नं तीन के लिए एक
टंेडर डाला गया था। इसके चलते चैगान नं दो व तीन को अब ओपन बोली के जरिए नीलाम करने का फैसला लिया गया
है।
उधर, मिंजर मेला तहबाजारी उपसमिति के संयोजक एवं एसडीएम सदर प्रियांशु खाती ने बताया कि नीलामी प्रक्रिया के
दूसरे चरण में चैगान नं-एक को नीलाम कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि चैगान नं दो व तीन को अब एक सप्ताह
के भीतर ओपन बोली से नीलाम किया जाएगा।
चंबा। एसडीएम सदर प्रियांशु खाती ने मिंजर मेले की व्यापारिक गतिविधियों के लिए चैगान नं दो व तीन के लिए प्रशासन
की ओर से आरक्षित मूल्य से कम रेट कोड करने वाले ठेकेदारों को कडी फटकार लगाई है। उन्होंने साथ ही ठेकेदारों को
वार्निग लैटर भी जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ठेकेदार की मनमानी कतई सहन नहीं की जाएगी। ठेकेदारों की
ऐसी कारागुजारियों से प्रशासन का समय भी बर्बाद होता है। बहरहाल, एसडीएम ने ठेकेदारों को भविष्य में दोबारा ऐसा न
करने की हिदायत भी दी है

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