इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना - बीपीएल परिवारों की बेटियों के लिए आर्थिक सहायता के साथ माता-पिता के लिए बीमा कवर का लाभ

 इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना - बीपीएल परिवारों की बेटियों के लिए आर्थिक सहायता के साथ माता-पिता के लिए बीमा कवर का लाभ


ऊना हिमाचल सरकार की इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना बीपीएल परिवारों की बेटियों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बन कर आई है। प्रदेश सरकार ने इस योजना को बीपीएल परिवारों में जन्म लेने वाली बेटियों के लिए शुरू किया है। योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म पर 25 हजार रुपये की राशि बीमा कंपनी में जमा की जाएगी। यह लाभ 2 बालिकाओं तक मिलेगा। वहीं, बेटी के माता-पिता को भी प्रति अभिभावक 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर दिया जाएगा।

अपने नाम पर जमा राशि को बेटियां 18 वर्ष से 27 वर्ष की आयु के मध्य अपनी इच्छा अनुसार निकाल सकेंगी और उसका उपयोग उच्च शिक्षा, स्वरोजगार या अपने भविष्य की किसी भी योजना में कर सकेंगी।

इस योजना से बेटियों का भविष्य सुरक्षित होने के साथ ही यह बेटी है अनमोल योजना को भी और अधिक सशक्त बनाएगी।

ये है योजना का उद्देश्य

हिमाचल सरकार का मानना है कि बेटियां केवल परिवार ही नहीं, बल्कि समाज की नींव होती हैं। उनके सुरक्षित, स्वस्थ और सशक्त जीवन के बिना प्रगतिशील समाज की कल्पना अधूरी है। इसी सोच के साथ इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना शुरू की गई है, जो बेटी है अनमोल योजना को और अधिक सशक्त बनाते हुए बेटियों को जन्म से लेकर आत्मनिर्भर बनने तक आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का भरोसा देती है।

मुख्यमंत्री के विजन का सुफल है ये योजना

यह योजना मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की जन हितैषी सोच और दूरदर्शी विजन का प्रतिफल है। वे हमेशा कहते हैं कि हिमाचल सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बेटी संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए। इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना सिर्फ वित्तीय मदद नहीं, बल्कि बेटियों को बचपन से आत्मविश्वास और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर देने की पहल है। हम चाहते हैं कि हमारी बेटियां सुरक्षित माहौल में पढ़ें, आगे बढ़ें और अपने सपनों को साकार करें।

साथ ही, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री इस बात को जोर देकर दोहराते हैं कि सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनके आत्मनिर्भर बनने तक हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। यह योजना शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बनेगी और आने वाले वर्षों में बेटियों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाएगी।

ऊना जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता

उपायुक्त जतिन लाल का कहना है कि ऊना जिले में हर पात्र परिवार तक इस योजना का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है। हम सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र बालिका इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे। यह योजना गरीब परिवारों की बेटियों को बचपन से युवावस्था तक सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया अवसर देने को समर्पित है।

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