लखनपुर–माधोपुर पुराने पुल का हिस्सा क्षतिग्रस्त, प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र लागू किया सिंगल-लेन यातायात
लखनपुर–माधोपुर पुराने पुल का हिस्सा क्षतिग्रस्त, प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र लागू किया सिंगल-लेन यातायात
लखनपुर/माधोपुर
प्रदेश और पंजाब को जोड़ने वाले लखनपुर–माधोपुर पुराने पुल का एक हिस्सा लगातार क्षतिग्रस्त होता जा रहा है। पुल की वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल सामान्य दो-तरफ़ा यातायात बहाल न करने का निर्णय लिया है। सुरक्षा कारणों से केवल सिंगल-लेन में, एक ही दिशा से बारी-बारी वाहनों को छोड़ा जा रहा है, ताकि पुल पर अधिक भार न पड़े और कोई दुर्घटना न हो।
पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
पुल के दोनों सिरों पर बैरिकेट्स लगाए गए हैं और यातायात पुलिस के साथ-साथ पंजाब व जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान भी तैनात किए गए हैं। पुलिस लगातार वाहन चालकों को समझा रही है कि वे क्रमवार आगे बढ़ें, गति नियंत्रित रखें और आगे वाले वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि तेज़ रफ़्तार, ओवरटेकिंग और ओवरलोडिंग पर सख़्त कार्रवाई होगी।
तकनीकी टीमें लगातार निरीक्षण में
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पुल की स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जा रही है। तकनीकी विशेषज्ञों और इंजीनियरों की टीम नियमित अंतराल पर पुल का निरीक्षण कर रही है। आवश्यकतानुसार मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की स्थायी मरम्मत तभी शुरू होगी जब सुरक्षा मानकों के अनुरूप योजना तैयार हो जाएगी।
यात्रियों को हो रही परेशानी
सिंगल-लेन यातायात लागू होने से पुल पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि कई बार इंतज़ार का समय 20 से 30 मिनट तक बढ़ जाता है। खासकर भारी वाहनों और लंबी दूरी के यात्रियों को दिक़्क़त झेलनी पड़ रही है।
हालांकि, अधिकतर लोगों का मानना है कि यह इंतज़ार सुरक्षा के लिए ज़रूरी है और प्रशासन का यह कदम सही दिशा में है।
यात्रियों और चालकों के लिए प्रशासन की अपील
प्रशासन ने सभी वाहन चालकों और यात्रियों से अपील की है कि वे सहयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें।
पुल पर प्रवेश से पहले गति कम रखें।
आगे वाले वाहन से उचित दूरी बनाए रखें।
भारी वाहन चालक निर्धारित भार मानकों का पालन करें।
अनावश्यक हॉर्न बजाने और अचानक ब्रेक लगाने से बचें।
यात्रा समय में थोड़ा अतिरिक्त बफर रखें, ताकि लेन नियंत्रण के कारण होने वाली देरी को समायोजित किया जा सके।
जनहित में एहतियाती कदम
प्रशासन का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनज़र उठाया गया है। फिलहाल प्राथमिकता दुर्घटनाओं को रोकना और पुल पर लोड नियंत्रित करना है। स्थायी समाधान की दिशा में इंजीनियरिंग रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्यवाही की जाएगी।
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