सवर्ण समाज के साथ छलावा कब तक - Smachar

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सवर्ण समाज के साथ छलावा कब तक

 सवर्ण समाज के साथ छलावा कब तक

देवभूमि क्षत्रिय संगठन सवर्ण मोर्चा ने कांग्रेस और भाजपा पर साधा निशाना, सवर्ण आयोग की मांग दोहराई


शिमला : गायत्री गर्ग /

सवर्ण समाज के मुद्दों को लेकर देवभूमि क्षत्रिय संगठन सवर्ण मोर्चा ने बड़ा बयान जारी किया है। संगठन ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस हो या भाजपा, दोनों ही सरकारों ने समय-समय पर सवर्ण समाज के साथ छलावा और विश्वासघात किया है।


बोर्डों की राजनीति बनाम वास्तविक मांग


संगठन के प्रवक्ताओं ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सरकार ने भले ही राजपूत कल्याण बोर्ड और ब्राह्मण कल्याण बोर्ड का गठन किया था, लेकिन आज की सरकार ने भी उन बोर्डों में केवल नए सदस्य जोड़कर यह दिखाने का प्रयास किया है कि सवर्ण समाज के लिए कोई बड़ा कदम उठाया गया है।

संगठन का मानना है कि यह केवल भ्रम फैलाने की राजनीति है, जबकि सवर्ण समाज की असली मांग एक स्वतंत्र "सवर्ण आयोग" का गठन है, जिससे पूरे समाज को न्याय मिल सके और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित हो।


कांग्रेस और भाजपा दोनों पर निशाना


संगठन ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही सरकारों के सामने यह मांग बार-बार उठाई गई, लेकिन हर बार इसे टालने और दबाने का प्रयास हुआ। उनका आरोप है कि दोनों ही दलों ने सवर्ण समाज को केवल बोर्डों और समितियों की राजनीति में उलझाकर रखा है।


"समाज जाग चुका है"


संगठन का कहना है कि अब सवर्ण समाज जाग चुका है और किसी भी राजनीतिक भ्रम में नहीं आएगा।

देवभूमि क्षत्रिय संगठन सवर्ण मोर्चा ने साफ कहा कि जब उन्हें जनता का समर्थन और आशीर्वाद मिलेगा और वे सत्ता में आएंगे, तब सवर्ण आयोग को एक्ट (कानून) के रूप में विधानसभा में पास करवाया जाएगा और इसे सवर्ण समाज को समर्पित किया जाएगा।


"प्रतिज्ञा और धर्म"


संगठन के अनुसार यह केवल एक वादा नहीं, बल्कि उनकी प्रतिज्ञा, धर्म और कर्तव्य है। संगठन ने कहा कि उनका लक्ष्य सवर्ण समाज को तोड़ने नहीं, बल्कि उसे एकजुट कर न्याय दिलाना है।

 मुख्य बिंदु (हाइलाइट्स):


कांग्रेस व भाजपा सरकारों पर सवर्ण समाज से छलावा करने का आरोप।


वीरभद्र सरकार ने बनाए थे राजपूत व ब्राह्मण कल्याण बोर्ड।


मौजूदा सरकार ने बोर्डों में नए सदस्य जोड़कर दिखाया "बड़ा कदम"।


असली मांग — स्वतंत्र सवर्ण आयोग का गठन।


देवभूमि क्षत्रिय संगठन सवर्ण मोर्चा ने सत्ता में आने पर आयोग बनाने का वादा दोहराया।

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