विधानसभा सत्र में बीजेपी विधायक इंद्र सिंह गांधी का बड़ा आरोप – “मेरे साथ हो रहा दुर्व्यवहार और विश्वासघात”
विधानसभा सत्र में बीजेपी विधायक इंद्र सिंह गांधी का बड़ा आरोप – “मेरे साथ हो रहा दुर्व्यवहार और विश्वासघात”
मंडी।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के बीच बीजेपी विधायक इंद्र सिंह गांधी ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बल्ह विधानसभा क्षेत्र से विधायक गांधी ने कहा कि आपदा से जूझ रहे उनके क्षेत्र के नुकसान को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। न केवल सरकार और प्रशासन द्वारा गलत रिपोर्ट भेजी जा रही है बल्कि विधानसभा सत्र के दौरान भी उनके प्रश्नों को दरकिनार किया जा रहा है।
क्षेत्र में करोड़ों का नुकसान, लेकिन गलत रिपोर्ट भेज रहे अधिकारी
बल्ह में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में बहने वाली सुकेती खड्ड और अन्य नालों ने इस बार भारी तबाही मचाई है। सैकड़ों बीघा जमीन का कटाव हो गया है, फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं और कई घरों में पानी घुस गया है। वहीं क्षेत्र की अधिकांश सड़कों को भी नुकसान पहुंचा है।
इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी यहां हुए नुकसान की गलत और अधूरी रिपोर्ट सरकार को भेज रहे हैं, जिससे विधानसभा में न तो इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हो रही है और न ही इसे राष्ट्रीय आपदा में शामिल करने पर विचार हो रहा है।
विधानसभा में उपेक्षा का आरोप
गांधी ने कहा कि अब जब वे इस मुद्दे को विधानसभा में उठा रहे हैं तो उनके सवालों को बार-बार दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके द्वारा पूछे गए 37 प्रश्नों में से केवल 4 पर ही बोलने का मौका दिया गया है। यह सीधा-सीधा पक्षपात और उनके साथ विश्वासघात है।
विधायक ने कहा कि विपक्षी दल भाजपा ने आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए सरकार का समर्थन किया है, फिर भी सरकार उनके क्षेत्र को दरकिनार कर रही है। गांधी ने कहा कि वे खुद लिखित रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे ताकि बल्ह के नुकसान को भी राष्ट्रीय आपदा में शामिल किया जा सके। साथ ही उन्होंने सुकेती खड्ड को चैनलाइज करने की मांग भी उठाई।
पदोन्नत शिक्षकों के तबादलों पर सरकार को घेरा
इंद्र सिंह गांधी ने इस मौके पर सरकार के शिक्षा विभाग के आदेशों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि हाल ही में पदोन्नत हुए टीजीटी शिक्षकों को सरकार ने सिर्फ पांच दिन के भीतर ही सैकड़ों किलोमीटर दूर ज्वाइन करने के आदेश दिए हैं।
विधायक ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश प्राकृतिक आपदा की चपेट में है, सड़कें टूटी पड़ी हैं और आवागमन पूरी तरह बाधित है, ऐसे हालात में क्या यह संभव है कि कोई शिक्षक इतनी जल्दी ज्वाइन कर सके? उन्होंने कहा कि यह आदेश कर्मचारी वर्ग के साथ अन्याय है और सरकार को चाहिए कि शिक्षकों को कम से कम एक माह का समय दिया जाए ताकि वे बिना दबाव के अपनी नई जगह पर ज्वाइन कर सकें।
“दुर्व्यवहार और विश्वासघात बर्दाश्त नहीं”
गांधी ने साफ कहा कि विधानसभा में उनके साथ हो रहा दुर्व्यवहार और विश्वासघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि बल्ह में हुए वास्तविक नुकसान को ईमानदारी से रिपोर्ट में शामिल किया जाए और प्रभावित किसानों-बागवानों
को राहत प्रदान की जाए।
कोई टिप्पणी नहीं