“यतो भावे, ततो भवति” – उपायुक्त जतिन लाल का विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद
“यतो भावे, ततो भवति” – उपायुक्त जतिन लाल का विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद
बोले – बड़ा सोचो, बड़ा लक्ष्य रखो और उसे पाने के लिए जी-जान लगा दो
ऊना
“मंज़िल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।” – इन प्रेरक शब्दों के साथ उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने हरोली उपमंडल के पालकवाह सभागार में आयोजित विशेष प्रेरक एवं परामर्श सत्र की शुरुआत की।
यह सत्र विशेष रूप से हरोली, खड्ड और बीटन महाविद्यालयों के छात्रों के लिए आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
औसत विद्यार्थी से आईएएस तक का संघर्षपूर्ण सफ़र
उपायुक्त जतिन लाल ने विद्यार्थियों से अपने जीवन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे स्कूल और कॉलेज में एक औसत विद्यार्थी थे, लेकिन उनके भीतर हमेशा यह जज़्बा था कि ऐसा कार्य करना है जिससे परिवार और समाज का नाम रोशन हो।
उन्होंने बताया कि करियर की शुरुआत एक कॉल सेंटर से की, फिर एक सरकारी उपक्रम में नौकरी मिली। लेकिन एक दिन ऑफिस में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी का आगमन हुआ। उनके स्वागत-सम्मान को देखकर ही उनके मन में सिविल सेवा की ओर गहरी रुचि जगी और उसी दिन यह संकल्प लिया कि अब यही मंज़िल होगी।
इसके बाद उन्होंने लंच ब्रेक, मेट्रो यात्रा और हर खाली समय को पढ़ाई के लिए समर्पित किया। सोशल मीडिया से दूरी बनाई और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहे। परिवार और पत्नी का सहयोग उन्हें निरंतर मिलता रहा। अंततः नौकरी से त्यागपत्र देकर सिविल सेवा की तैयारी को ही जीवन का ध्येय बना लिया।
कठिन परिश्रम और अनुशासन का परिणाम 2016 में मिला जब वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित हुए।
सफलता का असली मंत्र – धैर्य, अनुशासन और निरंतरता
जतिन लाल ने विद्यार्थियों को समझाया कि सफलता किसी को थाली में परोसी हुई नहीं मिलती। उन्होंने कहा –
“इंसान या तो जीतता है या सीखता है, हारता वही है जो प्रयास करना छोड़ देता है।”
मोटिवेशन उतार-चढ़ाव वाला होता है, पर अनुशासन स्थायी है।
हर दिन लक्ष्य के लिए समय निकालना अनिवार्य है।
उन्होंने छात्रों को “यतो भावे, ततो भवति” का मंत्र समझाया – यानी जैसा सोचोगे, वैसा ही बनोगे।
विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं के हल
सत्र के दौरान छात्रों ने पढ़ाई, तनाव, हिंदी माध्यम से तैयारी, नोट्स बनाने और परीक्षा रणनीति से जुड़े सवाल पूछे।
एक छात्र ने कहा कि परीक्षा के दिनों में नींद नहीं आती। इस पर उपायुक्त ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा – “यह अच्छी बात है, जब तक नींद नहीं आती पढ़ते रहो। दिमाग़ सक्रिय है और समाधान खोज रहा है।”
हिंदी माध्यम से तैयारी पर उन्होंने कहा कि अब हिंदी में भी उच्च गुणवत्ता की किताबें व सामग्री उपलब्ध है, मेहनत और धैर्य से सफलता पूरी तरह संभव है।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल बुद्धि (IQ) नहीं बल्कि भावनात्मक बुद्धिमत्ता (EQ) अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बताती है कि आप परिस्थितियों का सामना कैसे करते हैं।
छात्राओं के लिए विशेष संदेश
उपायुक्त जतिन लाल ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा –
“सबसे पहले आत्मनिर्भर बनो। विवाह अपनी जगह है, लेकिन स्वतंत्र और सक्षम बनना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है।”
जीवन दर्शन और प्रेरक संदेश
सत्र केवल UPSC की तैयारी तक सीमित नहीं था, बल्कि जीवन में सफलता के व्यापक पहलुओं पर केंद्रित रहा।
उन्होंने कहा – “शांत रहकर मेहनत करो, सफलता खुद शोर मचाएगी।”
परफेक्शनिस्ट बनने के पीछे मत भागो, बल्कि निरंतर प्रयास करो।
कमजोर व्यक्ति परिस्थितियों से हारता है, मज़बूत व्यक्ति उनसे सीखकर आगे बढ़ता है।
छात्रों ने किया आभार व्यक्त
कार्यक्रम में एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, विभिन्न विभागों के अधिकारी और महाविद्यालयों के प्राध्यापक भी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों ने उपायुक्त जतिन लाल के प्रेरक संवाद के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के सत्र से उन्हें न केवल प्रतियो
गी परीक्षाओं की तैयारी बल्कि जीवन की दिशा तय करने का सही मार्गदर्शन मिला है।
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