धेवा में भूस्खलन से पांच परिवारों के घरों में दरारें, गौशालाएं खतरे में - Smachar

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धेवा में भूस्खलन से पांच परिवारों के घरों में दरारें, गौशालाएं खतरे में

 धेवा में भूस्खलन से पांच परिवारों के घरों में दरारें, गौशालाएं खतरे में


ज्वाली : जनक पटियाल /

विधानसभा क्षेत्र ज्वाली के तहत धेवा पंचायत का धेवा गांव एक बार फिर भूस्खलन की चपेट में आ गया है। लगातार जमीन दरकने से यहां पांच परिवारों के पक्के मकानों और गौशालाओं में गहरी दरारें आ गई हैं। प्रभावित परिवारों ने घरों से अपना सामान बाहर निकालकर अस्थायी टैंटों में शरण ले ली है।


जानकारी के अनुसार, ध्यान सिंह, सुरजीत सिंह, चैन सिंह, सुभाष चंद और मलकियत सिंह के मकानों में गंभीर दरारें पड़ गई हैं। वहीं, इन परिवारों की गौशालाएं तो खिसक कर गिरने की कगार पर पहुंच गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष 2023 में भी इस क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ था, जिसमें कुछ घर पूरी तरह जमींदोज हो गए थे। उस समय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को अस्थायी तौर पर सुरक्षित स्थानों पर भेजा था, लेकिन बाद में फिर से इन्हें इसी खतरे वाले इलाके में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। अब दोबारा जमीन खिसकने से हालात पहले से ज्यादा खतरनाक बन गए हैं।


पीड़ित परिवारों का कहना है कि हर बार प्रशासन सिर्फ खाली करवाने की कार्रवाई करता है लेकिन स्थायी समाधान की ओर कोई कदम नहीं उठाता। उन्होंने मांग की है कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर जमीन उपलब्ध करवाई जाए, ताकि वे वहां पर स्थायी मकान बनाकर चैन से रह सकें।


इस मामले पर पंचायत प्रधान सरोज कुमारी और उपप्रधान ओंकार सिंह ने भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में भी यही जगह खिसकी थी और अब फिर पांच परिवारों के मकानों में दरारें आ गई हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत सामग्री व आर्थिक सहायता मुहैया करवाई जाए, साथ ही उन्हें स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था भी की जाए।


ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने पुख्ता कदम न उठाए तो आने वाले दिनों में किसी बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोग भी प्रशासन से अपेक्षा कर रहे हैं कि जल्द से जल्द प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।

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