भूस्खलन के बीच NDRF ने संभाला मोर्चा, अब तक 1459 तीर्थयात्री सुरक्षित निकाले गए
भूस्खलन के बीच NDRF ने संभाला मोर्चा, अब तक 1459 तीर्थयात्री सुरक्षित निकाले गए
चंबा : जितेन्द्र खन्ना /
लगातार मूसलधार बारिश से चंबा–भरमौर मार्ग पर भूस्खलन की कई घटनाओं ने श्री मणिमहेश यात्रा को प्रभावित कर दिया है। यात्रा निलंबन के दौरान हजारों तीर्थयात्री रास्तों में फंस गए। इस विकट परिस्थिति में 14वीं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने मोर्चा संभालते हुए बड़े स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
कमांडेंट बलजिंदर सिंह के मार्गदर्शन और निरीक्षक दीपक सिंह असवाल के नेतृत्व में 14वीं बटालियन की टीम ने 30 अगस्त को चंबा पहुँचकर जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया। रणनीतिक योजना बनाकर टीम ने विभिन्न भूस्खलन स्थलों पर राहत कार्य शुरू किया।
30 अगस्त को बचाव कार्य
राख क्षेत्र से : 192 तीर्थयात्री सुरक्षित निकाले गए
बग्गा (प्रथम चरण) : 167 तीर्थयात्री सुरक्षित निकाले गए
बग्गा (रात्रि ऑपरेशन, द्वितीय चरण) : 270 तीर्थयात्री सुरक्षित निकाले गए
इस प्रकार मात्र एक दिन में कुल 629 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली।
31 अगस्त को भी जारी रहा अभियान
अगले दिन भी हालात चुनौतीपूर्ण बने रहे। बग्गा स्लाइडिंग पॉइंट और धरवाला (भरमौर की ओर) पर भारी संख्या में तीर्थयात्री फंसे हुए थे। NDRF की टीम ने एक बार फिर जोखिम उठाकर राहत कार्य शुरू किया। लगातार हो रहे भूस्खलन और प्रतिकूल मौसम के बावजूद टीम ने आज 830 और तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
अब तक 1459 यात्री सुरक्षित
दो दिनों में कुल मिलाकर 1459 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थलों तक पहुँचाया गया है। राहत एवं बचाव कार्य अब भी जारी है और NDRF टीमें मौके पर तैनात हैं।
सुरक्षा और समर्पण का परिचय
कमांडेंट बलजिंदर सिंह ने कहा कि NDRF तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। टीम ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार बरसात के बीच भी धैर्य और साहस का परिचय दिया है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि जब तक सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जाता, अभियान जारी रहेगा।
स्थानीय प्रशासन ने भी NDRF के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई से हजारों तीर्थयात्रियों की जान बचाई जा सकी है।
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