पतलीकूहल की महिलाओं ने संभाला शिव मंदिर की सफाई का जिम्मा, बाढ़ के मलबे से मंदिर परिसर को दिलाई नई जीवनधारा
पतलीकूहल की महिलाओं ने संभाला शिव मंदिर की सफाई का जिम्मा, बाढ़ के मलबे से मंदिर परिसर को दिलाई नई जीवनधारा
पतलीकूहल : ओम बौद्ध /
हाल ही में आई बाढ़ से पतलीकूहल स्थित प्राचीन शिव मंदिर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। मंदिर परिसर में चारों ओर कीचड़, मिट्टी और भारी मात्रा में मलबा भर गया था। स्थिति इतनी गंभीर थी कि नीलकंठ महादेव की विशालकाय प्रतिमा तक पहुंचना भी श्रद्धालुओं के लिए कठिन हो गया था। मंदिर का आंगन पूरी तरह से जलभराव और गाद से पट चुका था, जिससे श्रद्धालुओं के लिए वहां पांव रखने तक की जगह नहीं बची थी।
ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में पतलीकूहल की महिलाओं ने पहल करते हुए मंदिर की सफाई का जिम्मा अपने हाथों में लिया। सामूहिक सहयोग और अथक मेहनत के दम पर उन्होंने मंदिर में जमा कीचड़, मिट्टी और मलबे को हटाना शुरू किया। घंटों की कड़ी मेहनत के बाद महिलाओं ने न केवल मंदिर परिसर को साफ किया बल्कि नीलकंठ महादेव की प्रतिमा और गर्भगृह तक जाने वाले रास्ते को भी पूरी तरह से स्वच्छ कर दिया।
महिलाओं की यह सेवा भावना और सामूहिक प्रयास स्थानीय समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने इस पहल की जमकर सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं ने कठिन परिस्थिति में जिस एकजुटता और समर्पण का परिचय दिया है, वह सामाजिक सहयोग और आस्था की सच्ची मिसाल है।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि प्राचीन शिव मंदिर स्थानीय आस्था और संस्कृति का केंद्र है, और ऐसे में महिलाओं का यह प्रयास न केवल मंदिर को पुनर्जीवित करने वाला है बल्कि समाज को एकता और सेवा की शक्ति का संदेश भी देता है।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इन महिलाओं की पहल को सराहा और कहा कि संकट की इस घड़ी में पतलीकूहल की महिलाओं ने साबित कर दिया है कि जब समाज मिलकर कार्य करता है तो किसी भी कठिनाई पर विजय पाई जा
सकती है।
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