मुगला निवासियों ने लोकनिर्माण मंत्री को सौंपा ज्ञापन
मुगला निवासियों ने लोकनिर्माण मंत्री को सौंपा ज्ञापन
भारी बारिश और भूस्खलनों से तबाही, शमशान घाट ध्वस्त – मकानों व खेतों को खतरा
चंबा : जितेन्द्र खन्ना /
जिला चंबा में लगातार हो रही भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने 1995 की आपदा की यादें ताजा कर दी हैं। रावी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बहने लगा है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। इस प्राकृतिक आपदा ने चंबा जिले के लगभग हर हिस्से में जानमाल, मकानों, खेत-खलिहानों और बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान पहुँचाया है।
इसी कड़ी में आज सुबह प्रभावित क्षेत्र मुगला के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएँ लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और सदर विधायक के समक्ष रखीं। इस मौके पर ग्रामीणों ने मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए तात्कालिक राहत और स्थायी समाधान की मांग की।
लोअर मुगला की बड़ी समस्या
लोअर मुगला निवासी लंबे समय से एनएच-154 पर बने पानी निकासी कन्वर्ट की वजह से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस कन्वर्ट से बरसाती पानी का सीधा रुख रिहायशी इलाकों की ओर हो गया, जिसके कारण कई मकान, खेत-खलिहान और अन्य संरचनाएँ क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
भारी बारिश और भूस्खलन से स्थानीय श्मशान घाट भी पूरी तरह तबाह हो गया। ग्रामीणों ने मांग उठाई कि इस कन्वर्ट को तुरंत बंद किया जाए। इस पर मंत्री ने विभाग को निर्देश जारी किए और विभाग ने कन्वर्ट को बंद करने पर सहमति जताई।
अपर मुगला की स्थिति भी गंभीर
अपर मुगला में भी भारी बारिश और भूस्खलनों के कारण कई घर खतरे की जद में आ गए हैं। स्थानीय निवासियों ने मंत्री को बताया कि यदि समय रहते कदम न उठाए गए, तो कई परिवारों को अपनी छत खोनी पड़ सकती है। इस पर मंत्री ने नगर परिषद चंबा को तुरंत कार्रवाई करने और प्रभावित लोगों की समस्याएँ हल करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने जताई राहत की उम्मीद
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को आपदा राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया तेज करनी चाहिए। लोग न केवल आर्थिक मदद की मांग कर रहे हैं बल्कि सुरक्षित आवास और ढाँचागत सुविधाओं की बहाली की भी अपेक्षा कर रहे हैं।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद रहे
इस मौके पर अजु कुमारी पार्टी, शिवकरण चन्द्रा (महासचिव, जनहित संगठन चंबा), नेक राम, जीतेन्द्र सुर्या, राकेश, कुसम, गुरचरण, सुदेश चन्द्रा, राजेन्द्र, अमर लाल, दिनेश सहित कई अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मंत्री से गुहार लगाई कि प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत दी जाए और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
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