“आज का मोबाइल, कल की बर्बादी” — बच्चों को डिजिटल लत से बचाने की अपील
“आज का मोबाइल, कल की बर्बादी” — बच्चों को डिजिटल लत से बचाने की अपील
रिवालसर : अजय सूर्या /
प्रदेश में बच्चों के बढ़ते मोबाइल उपयोग को लेकर चिंता जताते हुए सीसीआईडी ट्रस्ट हिमाचल प्रदेश के आरटीआई नेशनल एक्टिव ऑफिसर सुरेंदर कुमार ने अभिभावकों और आम जनता से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में छोटे बच्चों के हाथों में मोबाइल देना उनके भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ साबित हो सकता है ।
उन्होंने अपने संदेश में कहा, “आज का मोबाइल, कल की बर्बादी बन सकता है,” और यह चेतावनी दी कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग बच्चों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।
सुरेंदर कुमार ने बताया कि इंटरनेट पर उपलब्ध अश्लील और हिंसक सामग्री बच्चों के कोमल मन पर गलत असर डाल रही है, जिससे उनकी सोच और व्यवहार प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा मोबाइल की लत बच्चों को चिड़चिड़ा, गुस्सैल और सुस्त बना रही है, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
उन्होंने आगे कहा कि कम उम्र में लगातार स्क्रीन देखने से बच्चों की आंखों की रोशनी कमजोर हो रही है और एकाग्रता में कमी आ रही है। वहीं, मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बच्चे सामाजिक गतिविधियों और पारिवारिक संवाद से दूर होते जा रहे हैं, जिससे उनके संस्कार और सामाजिक व्यवहार भी प्रभावित हो रहे हैं।
अंत में उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को मोबाइल के बजाय किताबों, खेल-कूद और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से ही एक स्वस्थ, जागरूक और संस्कारित समाज का निर्माण संभव है।

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