लोगों की मलकियत भूमि पर बनी सड़क, लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
लोगों की मलकियत भूमि पर बनी सड़क, लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
रिवालसर : अजय सूर्या /
लोक निर्माण विभाग (PWD) एक बार फिर अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला रिवालसर–सरकाघाट वाया दुर्गापुर सड़क संपर्क मार्ग का है, जहां देहरी गलू से विकास नगर डोह तक करीब एक किलोमीटर सड़क निर्माण में कथित अनियमितताएं सामने आई हैं।
जानकारी के अनुसार, करीब 40 वर्ष पूर्व सड़क निर्माण के दौरान विभाग ने जिन खसरा नंबरों की भूमि का अधिग्रहण किया था, उन पर सड़क बनाने के बजाय अधिकारियों ने कथित तौर पर जल्दबाजी में लोगों की निजी (मलकियत) भूमि पर ही सड़क का निर्माण कर दिया। उस समय स्थानीय लोगों ने इस त्रुटि पर ध्यान नहीं दिया और सड़क बनकर तैयार हो गई।
समय बीतने के साथ स्थिति और जटिल हो गई। कुछ लोगों ने विभाग की अधिग्रहित भूमि को अपनी समझकर उस पर निर्माण कार्य भी कर डाले, जबकि असल सड़क निजी जमीन पर बनी रही। अब यह लापरवाही भूमि मालिकों के लिए बड़ी समस्या बन गई है।
प्रभावित भूमि मालिकों—धनी देवी, सुनील कुमार, मनोज कुमार, हरीश कुमार, गीतानंद, सुदर्शन और चमन लाल आदि—का कहना है कि विभाग उनकी करोड़ों रुपए मूल्य की भूमि को खाली करे और सड़क को अधिग्रहित भूमि से निकाले।
वहीं, कुछ अन्य परिवार इस मांग से सहमत नहीं हैं। उनका तर्क है कि वर्षों से बनी सड़क को यथावत रखा जाए और विभाग की जो भूमि वर्तमान में उनके कब्जे में है , उसे उनके नाम किया जाए, क्योंकि उनकी अपनी जमीन पर तो सड़क पहले ही बन चुकी है।
इस पूरे मामले पर जब लोक निर्माण विभाग उपमंडल रिवालसर के सहायक अभियंता युगल किशोर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने बताया कि विभाग को इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह देखना होगा कि प्रशासन इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद का समाधान कैसे करता है।

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