उपायुक्त की अध्यक्षता में लंबित वन संरक्षण अधिनियम की बैठक हुई आयोजित

 उपायुक्त की अध्यक्षता में लंबित वन संरक्षण अधिनियम की बैठक हुई आयोजित       


                                  

नाहन उपायुक्त सिरमौर सुमित खिम्टा की अध्यक्षता में आज लंबित वन संरक्षण अधिनियम ;एफसीए) प्रकरणों के बारे में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न प्रयोक्ता संस्थाओं द्वारा वन विभाग के (परिवेश) पोर्टल पर आवेदित केसों के बारे में विस्तार से विचार विमर्श किया गया। उपायुक्त ने प्रयोक्ता संस्थाओं को प्रमुखता से इन केसों के शीघ्र निपटान हेतु आदेश दिए, गया है उनको अगली बैठक से पहले पुनः सुचीबद्व करने बारे भी निर्देश जारी किये गये ताकि केसों में आगामी कार्यवाही सम्बद्ध तरीके से की जा सके। इसके अलावा प्रयोक्ता संस्थाओं को आदेश दिए कि यदि (परिवेश) पोर्टल पर किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना पड रहा है तो उस स्थिति में वन मंडल अधिकारियों के कार्यालय में जाकर समस्या का समाधान करें, ताकि (परिवेश) पोर्टल पर लम्बित केसों को शीघ्र ही सैद्धांतिक अनुमति हेतु उच्च अधिकारियों को प्रेषित किया जा सके।

इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग के उपनिदेशक को आदेश दिया गया कि राजीव गॉंधी मॉडर्न डे बोर्डिंग स्कल से सम्बन्धित ;एफसीए) केसों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान किया जाए। गिरी नदी पर बन रहे रेणुका जी ब्रिज के बारे में वन मंडल अधिकारी ने अवगत करवाया कि इस मामले में संयुक्त जांच करना शेष है। जिसके सम्बन्ध में उपायुक्त महोदय ने आदेश दिया कि शीघ्र इंस्पेक्शन करवा के इस केस में आगामी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। इसके अतिरिक्त उपायुक्त महोदय द्वारा निर्देश दिए कि जितने भी मामले ;एफसीए) उल्लंघन के है उन मामलों में स्पष्टीकरण दें और इन मामलों में आगामी कार्यवाही की जाए।

कांशीवाला में बनने वाले मेडिकल कॉलेज के विस्तार के बारे में चर्चा की गई जिसमें प्रयोक्ता संस्था को प्रशासनिक स्वीकृति के बारे में उच्च अधिकारियों से पत्राचार करने व लेआउट प्लान के सम्बन्ध में आगामी कार्यवाही करने बारे आदेश दिए गये। आदि बद्री में बनने वाले डैम के बारे में चर्चा की गई जिसमे हरियाणा के जल शक्ति विभाग के कनिष्ट अभियंता बैठक में शामिल हुए तथा उन्हें इस केस में लगे ऑब्जरवेशन को शीघ्र दुरुस्त करके मामले को वन विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया है।

जिन केसों का एरिया 1 हेक्टेयर से कम है व उसमें अधिकतम 75 वृक्षों तक कटान किया जाना है या जिन में कोई पेड़ नहीं है। तो उन केसों को वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत सम्बन्धित वन मंडल अधिकारी से निर्धारित आवश्यक दस्तावेजो द्वारा अपनी सहमति दर्ज करवाई गई ।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा के अतिरिक्त वन, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


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