संजौली-सिमिट्री क्षेत्र में प्रभावित मकानों की मरम्मत से लेकर सुरंग निर्माण की सुरक्षा तक—प्रशासन ने तय की कार्ययोजना
संजौली-सिमिट्री क्षेत्र में प्रभावित मकानों की मरम्मत से लेकर सुरंग निर्माण की सुरक्षा तक—प्रशासन ने तय की कार्ययोजना
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज संजौली-सिमिट्री क्षेत्र में निर्माणाधीन भूमिगत टनल के ऊपर स्थित मकानों में आई दरारों एवं अन्य नुकसान के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रभावित क्षेत्र के लोगों की समस्याओं एवं उनके समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि संबंधित क्षेत्र में राजस्व विभाग के अधिकारी ऐसे मकानों को चिन्हित करेंगे, जिनमें मरम्मत की आवश्यकता है। चिन्हित मकानों की मरम्मत के लिए निर्माण कंपनी द्वारा रिपेयर रोडमैप तैयार किया जाएगा। मरम्मत कार्य की गुणवत्ता एवं पूर्णता का निरीक्षण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों द्वारा किया जाएगा तथा उनके सत्यापन एवं अनुमोदन के उपरांत ही कार्य को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि प्रभावित लोगों की संतुष्टि एवं सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसके अतिरिक्त, ट्विन टनल के ऊपर आने वाले समस्त लगभग 100 मीटर क्षेत्र में स्थित मकानों का भी निरीक्षण कर सूचीबद्ध किया जाएगा, ताकि सुरंग निर्माण कार्य के कारण किसी भी प्रकार के संभावित नुकसान का आकलन किया जा सके। इस कार्य को तीन हिस्सों में किया जाएगा। पहले हिस्से में 11-11 मीटर में बनी ट्विन टनल के ऊपर के हिस्से के मकानों का आकलन होगा उसके बाद टनल के बीच 20 मीटर के हिस्से के ऊपर जो मकान है उनका आकलन होगा और अंत में ट्विन टनल के दोनों तरफ 30-30 मीटर में जो मकान हैं उनका आकलन किया जाएगा।
बैठक में एनएचएआई ने अवगत करवाया कि वर्तमान में सुरंग निर्माण कार्य के लिए किसी प्रकार की ब्लास्टिंग नहीं की जा रही है। हालांकि, जिला प्रशासन द्वारा संबंधित निर्माण कंपनी को दी गई ब्लास्टिंग की अनुमति तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि संबंधित क्षेत्र में राजस्व विभाग के अधिकारी ऐसे मकानों को चिन्हित करेंगे, जिनमें मरम्मत की आवश्यकता है। चिन्हित मकानों की मरम्मत के लिए निर्माण कंपनी द्वारा रिपेयर रोडमैप तैयार किया जाएगा। मरम्मत कार्य की गुणवत्ता एवं पूर्णता का निरीक्षण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों द्वारा किया जाएगा तथा उनके सत्यापन एवं अनुमोदन के उपरांत ही कार्य को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि प्रभावित लोगों की संतुष्टि एवं सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसके अतिरिक्त, ट्विन टनल के ऊपर आने वाले समस्त लगभग 100 मीटर क्षेत्र में स्थित मकानों का भी निरीक्षण कर सूचीबद्ध किया जाएगा, ताकि सुरंग निर्माण कार्य के कारण किसी भी प्रकार के संभावित नुकसान का आकलन किया जा सके। इस कार्य को तीन हिस्सों में किया जाएगा। पहले हिस्से में 11-11 मीटर में बनी ट्विन टनल के ऊपर के हिस्से के मकानों का आकलन होगा उसके बाद टनल के बीच 20 मीटर के हिस्से के ऊपर जो मकान है उनका आकलन होगा और अंत में ट्विन टनल के दोनों तरफ 30-30 मीटर में जो मकान हैं उनका आकलन किया जाएगा।
बैठक में एनएचएआई ने अवगत करवाया कि वर्तमान में सुरंग निर्माण कार्य के लिए किसी प्रकार की ब्लास्टिंग नहीं की जा रही है। हालांकि, जिला प्रशासन द्वारा संबंधित निर्माण कंपनी को दी गई ब्लास्टिंग की अनुमति तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है।
आईआईटी रुड़की का विशेषज्ञ दल करेगा जांच
प्रशासन द्वारा मकानों में विकसित हुई दरारों के कारणों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी आकलन करवाने के लिए आईआईटी रुड़की को विशेषज्ञ दल भेजने का अनुरोध कर दिया गया है। विशेषज्ञ दल द्वारा प्रभावित मकानों का निरीक्षण कर दरारों के कारणों की पहचान करने के साथ-साथ सुरंग निर्माण का आगामी कार्य सुरक्षित रूप से करने के लिए आवश्यक सावधानियों एवं उपायों के संबंध में सुझाव दिए जाएंगे।
बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (प्रोटोकॉल) ज्ञान सागर नेगी, उपमंडल दण्डाधिकारी शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, एनएचएआई से प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद कुमार और उप प्रबंधक सुमित बंसल, गवार कंस्ट्रक्शन कंपनी से जनरल मैनेजर कुलदीप गुजराल, भारत कंस्ट्रक्शन से प्रोजेक्ट मैनेजर सदानंद मोहंती और एचआर मैनेजर रविंदर चंदेल, काला से नायब तहसीलदार लायक राम शर्मा और बी. एस. चौहान सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन निरंतर कर रहा प्रभावित क्षेत्र की निगरानी
उल्लेखनीय है कि मकानों में दरारें आने की सूचना प्राप्त होने के उपरांत ही प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) तथा उपमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित मकानों का निरीक्षण किया था। आज उपायुक्त शिमला, पुलिस अधीक्षक शिमला, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल), उपमंडल दंडाधिकारी शिमला ग्रामीण सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने भी मौके का दौरा कर प्रभावित मकानों का निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।
उपायुक्त ने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है तथा प्रभावित लोगों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन द्वारा प्रभावित मकानों की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकतानुसार उचित कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन द्वारा मकानों में विकसित हुई दरारों के कारणों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी आकलन करवाने के लिए आईआईटी रुड़की को विशेषज्ञ दल भेजने का अनुरोध कर दिया गया है। विशेषज्ञ दल द्वारा प्रभावित मकानों का निरीक्षण कर दरारों के कारणों की पहचान करने के साथ-साथ सुरंग निर्माण का आगामी कार्य सुरक्षित रूप से करने के लिए आवश्यक सावधानियों एवं उपायों के संबंध में सुझाव दिए जाएंगे।
बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (प्रोटोकॉल) ज्ञान सागर नेगी, उपमंडल दण्डाधिकारी शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, एनएचएआई से प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद कुमार और उप प्रबंधक सुमित बंसल, गवार कंस्ट्रक्शन कंपनी से जनरल मैनेजर कुलदीप गुजराल, भारत कंस्ट्रक्शन से प्रोजेक्ट मैनेजर सदानंद मोहंती और एचआर मैनेजर रविंदर चंदेल, काला से नायब तहसीलदार लायक राम शर्मा और बी. एस. चौहान सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन निरंतर कर रहा प्रभावित क्षेत्र की निगरानी
उल्लेखनीय है कि मकानों में दरारें आने की सूचना प्राप्त होने के उपरांत ही प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) तथा उपमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित मकानों का निरीक्षण किया था। आज उपायुक्त शिमला, पुलिस अधीक्षक शिमला, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल), उपमंडल दंडाधिकारी शिमला ग्रामीण सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने भी मौके का दौरा कर प्रभावित मकानों का निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।
उपायुक्त ने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है तथा प्रभावित लोगों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन द्वारा प्रभावित मकानों की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकतानुसार उचित कदम उठाए जाएंगे।

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