बैजनाथ में एमएसएमई उद्यमियों के लिए जागरूकता कार्यशाला आयोजित जीईएम, सीपीपीपीपी, ई-कॉमर्स रणनीतियों और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के बारे में दी जानकारी
बैजनाथ में एमएसएमई उद्यमियों के लिए जागरूकता कार्यशाला आयोजित
जीईएम, सीपीपीपीपी, ई-कॉमर्स रणनीतियों और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के बारे में दी जानकारी
बैजनाथ, 16 सितंबर: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के रैम्प कार्यक्रम के अंतर्गत उद्योग विभाग द्वारा बुधवार को समिति हॉल, खंड विकास कार्यालय, बैजनाथ में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों को जीईएम एवं सीपीपीपीपी, बाजार में सफलता एवं स्थिरता तथा ई-कॉमर्स रणनीतियों के संबंध में जागरूक करना रहा।
कार्यशाला में 55 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें मुख्य रूप से सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी तथा स्वयं सहायता समूहों की सदस्य शामिल रहीं। जिला उद्योग केंद्र की ओर से विस्तार अधिकारी हरदीप सिंह ठाकुर भी उपस्थित रहे।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में जीईएम के आधिकारिक प्रशिक्षक अविनाश कुमार शर्मा ने जीईएम पोर्टल एवं सीपीपीपीपी मॉड्यूल के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि एमएसएमई किस प्रकार जीईएम के माध्यम से सीधे सरकारी विभागों को अपने उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध करवा सकते हैं तथा निविदा प्रक्रिया में भाग लेकर सरकारी खरीद का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने जीईएम पर पंजीकरण, उत्पाद सूचीबद्ध करने और सरकारी खरीद प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी भी दी।
द्वितीय सत्र में अश्विनी ठाकुर ने बाजार की सफलता और स्थिरता तथा ई-कॉमर्स रणनीतियाँ विषयों पर जानकारी प्रदान की। उन्होंने डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया मार्केटिंग, ऑनलाइन ब्रांडिंग, आकर्षक एवं प्रभावी पैकेजिंग तथा बजट प्रबंधन के माध्यम से उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने और व्यवसाय को अधिक टिकाऊ बनाने के विभिन्न उपायों पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला के दौरान भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के एडवोकेसी कार्यक्रम के बारे में भी उद्यमियों को जागरूक किया गया। हिमाचल प्रदेश में सीसीआई के राज्य संसाधन व्यक्ति पूर्व एचएएस अधिकारी आर.आर. पत्याल, ने प्रतिस्पर्धा कानून, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा तथा बाजार में नैतिक व्यापारिक व्यवहार के महत्व की जानकारी दी।
इस अवसर पर एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को जीईएम से जोड़ने को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि जीईएम पर ओडीओपी बाजार के माध्यम से ग्रामीण कारीगरों, बुनकरों एवं स्थानीय उत्पादकों को सरकारी खरीदारों से जोड़ने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध होने के साथ-साथ बिचौलियों की भूमिका कम करने और उत्पादकों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
कार्यशाला के दौरान एनकोरेजर सर्वेश शर्मा द्वारा उद्यमियों को जीईएम से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उनके प्रयासों से मौके पर ही 10 से अधिक उद्यमियों का जीईएम पोर्टल पर पंजीकरण करवाया गया।
कार्यशाला में उद्यमियों ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को डिजिटल एवं सरकारी बाजार से जोड़कर उनके व्यवसाय को नए अवसर उपलब्ध करवाना है।

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