यूनिटी पब्लिक स्कूल रिवालसर में हिंदी दिवस की धूम
यूनिटी पब्लिक स्कूल रिवालसर में हिंदी दिवस की धूम
विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, हिंदी भाषा के प्रति बढ़ा उत्साह
रिवालसर : अजय सूर्या /
यूनिटी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल रिवालसर में सोमवार को हिंदी दिवस बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए कक्षा-स्तर के अनुसार विभिन्न हिंदी गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम के तहत कक्षा प्रथम के विद्यार्थियों के लिए ‘चित्र देखकर शब्द लिखना’, कक्षा दूसरी के लिए ‘चित्र देखकर शब्द एवं वाक्य निर्माण’, कक्षा तीसरी से पांचवीं तक ‘चित्र-वर्णन’, कक्षा छठी से आठवीं तक ‘हिंदी कविता प्रस्तुति’ तथा कक्षा नौवीं और दसवीं के विद्यार्थियों के लिए ‘निबंध लेखन’ प्रतियोगिता करवाई गई।
प्रतियोगिताओं में कक्षा प्रथम में वंशिका ठाकुर और विराज , कक्षा दूसरी ‘ए’ में परिधि ठाकुर तथा ‘बी’ में यक्षित और अन्या ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कक्षा तीसरी ‘ए’ में खयांश शर्मा और ‘बी’ में कृतिका, कक्षा चौथी ‘ए’ में प्रत्युष तथा ‘बी’ में अन्निका, कक्षा पांचवीं ‘ए’ में कर्तावी और ‘बी’ में शिवांश ने प्रथम स्थान हासिल किया।
इसी प्रकार कक्षा छठी ‘ए’ में आरुशी, ‘बी’ में धारवी, कक्षा सातवीं ‘ए’ में दक्ष चंदेल और ‘बी’ में यश्मिता शर्मा, कक्षा आठवीं ‘ए’ में पाविका तथा ‘बी’ में रितेश राणा प्रथम रहे। कक्षा नौवीं ‘ए’ में काव्या गुप्ता और ‘बी’ में रिया ठाकुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कक्षा दसवीं ‘ए’ में अंकिता एवं सेजल तथा ‘बी’ में परिधि ने प्रथम स्थान हासिल किया।
इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, शब्द-भंडार, रचनात्मकता, अभिव्यक्ति-कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया गया। हिंदी शिक्षकों ने अपनी-अपनी कक्षाओं में प्रतियोगिताओं का संचालन और मूल्यांकन करते हुए विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की।
हिंदी दिवस समारोह ने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के महत्व को समझने तथा इसके प्रति रुचि और सम्मान विकसित करने का अवसर प्रदान किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डी.डी. शर्मा ने हिंदी शिक्षकों के प्रयासों और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना की।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को हिंदी भाषा का अधिकाधिक प्रयोग करने, हिंदी साहित्य का अध्ययन करने तथा अपनी मातृभाषा के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

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